Rajasthan News: 12 हजार फीस देकर पढ़ने भेजा, वहां सेप्टिक टैंक में उतारा', राजस्थान के डीग मदरसा हादसे में बेटी खोने वाले पिता का छलका दर्द
राजस्थान के डीग जिले के एक मदरसे में हुए दर्दनाक सेप्टिक टैंक हादसे में हरियाणा की एक छात्रा की मौत हो गई। इस हृदयविदारक घटना ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है। मृतका के पिता ने मदरसा प्रशासन पर घोर लापरवाही और अमानवीयता के गंभीर आरोप लगाए हैं।
शिक्षा के मंदिरों में जब मासूमों के साथ अमानवीय व्यवहार होने लगे, तो सिस्टम पर सवाल उठना लाजमी है। राजस्थान के डीग (Deeg) जिले के एक मदरसे से एक ऐसी ही दर्दनाक और रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक छात्रा को सेप्टिक टैंक में उतारे जाने से उसकी मौत हो गई। यह बच्ची मूल रूप से पड़ोसी राज्य हरियाणा की रहने वाली थी।
अपनी फूल सी बच्ची का शव देखकर पिता का रो-रोकर बुरा हाल है। उन्होंने मदरसा प्रबंधन पर जो आरोप लगाए हैं, वे बेहद गंभीर और शर्मनाक हैं।
"मैंने तालीम के लिए भेजा था, मौत के कुएं में उतारने के लिए नहीं"
इस दर्दनाक हादसे के बाद मीडिया से बात करते हुए मृतका के पिता का दर्द आंसुओं और भारी आक्रोश के रूप में फूट पड़ा। उन्होंने बिलखते हुए कहा:
"मैंने अपनी बच्ची को अच्छी तालीम हासिल करने के लिए वहां भेजा था। हमने बकायदा 12 हजार रुपये फीस भी भरी थी ताकि उसे कोई तकलीफ न हो और वह पढ़-लिख सके। लेकिन मुझे क्या पता था कि जिस मदरसे में मैं उसे पढ़ने भेज रहा हूं, वहां उससे पढ़ाई की बजाय यह सब करवाया जाएगा। उन्होंने मेरी बेटी को सेप्टिक टैंक में उतार दिया। यह कोई हादसा नहीं, मेरी बच्ची के साथ हुआ घोर अन्याय है।"
मदरसा प्रशासन की लापरवाही पर उठ रहे गंभीर सवाल
इस घटना ने मदरसों और हॉस्टल्स में रहने वाले बच्चों की सुरक्षा और वहां होने वाले शोषण पर एक बड़ी बहस छेड़ दी है।
बच्चों से खतरनाक काम क्यों? सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि जिस सेप्टिक टैंक की सफाई के लिए पेशेवर सफाईकर्मियों को भी सुरक्षा उपकरणों की जरूरत होती है, वहां एक मासूम छात्रा को कैसे और क्यों उतारा गया?
फीस लेने के बाद भी शोषण: पिता के बयान से साफ है कि परिवार ने शिक्षा के लिए पैसे दिए थे। ऐसे में बच्चों से इस तरह का खतरनाक काम करवाना सीधे तौर पर बाल श्रम और बाल शोषण (Child Labor and Abuse) की श्रेणी में आता है।
परिजनों की इंसाफ की गुहार और कार्रवाई की मांग
हरियाणा से बेटी का शव लेने पहुंचे परिजनों ने इस मामले में सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग की है।
परिजनों और स्थानीय लोगों में मदरसा प्रबंधन के खिलाफ भारी आक्रोश है।
उन्होंने प्रशासन और पुलिस से मांग की है कि मामले को महज 'हादसा' मानकर रफा-दफा न किया जाए, बल्कि मदरसे के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या (Culpable Homicide) और बाल शोषण की धाराओं में कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।
फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले की तफ्तीश में जुट गई है और मदरसा प्रशासन से पूछताछ की जा रही है। लेकिन इस घटना ने एक पिता को ऐसा घाव दे दिया है, जो शायद ही कभी भर पाए।
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