राजस्थान निकाय चुनाव: अजमेर-उदयपुर, भरतपुर-कोटा संभाग में BJP उम्मीदवारों के चयन पर मंथन जारी, 3-3 नामों के पैनल से तय होंगे प्रत्याशी

राजस्थान में नगर निकाय चुनाव के नामांकन के लिए केवल 2 दिन शेष रह गए हैं, लेकिन प्रमुख राजनीतिक दलों ने अभी तक उम्मीदवारों की आधिकारिक सूची जारी नहीं की है।

Aug 28, 2026 - 16:08
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राजस्थान निकाय चुनाव: अजमेर-उदयपुर, भरतपुर-कोटा संभाग में BJP उम्मीदवारों के चयन पर मंथन जारी, 3-3 नामों के पैनल से तय होंगे प्रत्याशी
Rajasthan Nagar Nikay Chunav

जयपुर। राजस्थान में आगामी नगर निकाय और नगर निगम चुनावों के नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि (31 अगस्त) नजदीक आ रही है, लेकिन भारतीय जनता पार्टी (BJP) और कांग्रेस दोनों ही दलों ने अपने प्रत्याशियों की अंतिम सूची जारी नहीं की है। शुक्रवार को जयपुर स्थित भाजपा प्रदेश मुख्यालय में प्रत्याशियों के चयन को लेकर उच्चस्तरीय मैराथन बैठकों का दौर चला।  

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़, प्रदेश संगठन महामंत्री अजेय कुमार और केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुनराम मेघवाल की मौजूदगी में विभिन्न संभागों के प्रभारियों, सह-प्रभारियों और जिला प्रभारियों के साथ एक-एक वार्ड के दावेदारों पर गंभीर मंथन किया गया।

संभागवार स्थिति: कहां तक पहुंचा मंथन?

बैठक में अलग-अलग संभागों की प्रगति पर चर्चा हुई:  

अजमेर और उदयपुर संभाग: अजमेर और उदयपुर संभाग के अंतर्गत आने वाले निकायों और नगर निगम वार्डों को लेकर स्क्रीनिंग व रायशुमारी का काम लगभग पूरा हो चुका है।  

भरतपुर और कोटा संभाग: शुक्रवार की बैठक में मुख्य रूप से भरतपुर और हाड़ौती (कोटा) संभाग के नगर निकायों में प्रत्याशियों के समीकरणों पर चर्चा की गई।  

बीकानेर संभाग: बीकानेर नगर निगम और आसपास के निकायों की बाकी बची सीटों पर स्थानीय समीकरण साधने और बेहतर समन्वय के लिए केंद्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल भी विशेष रूप से बैठक में शामिल हुए।  

3-3 नामों का पैनल और चयन का फॉर्मूला

भाजपा नेतृत्व ने टिकट वितरण के लिए त्रिस्तरीय फॉर्मूला लागू किया है:

3-3 नामों का पैनल: प्रत्येक संभाग और निकाय प्रभारी अपने-अपने वार्डों से जमीनी सर्वे के आधार पर 3-3 मजबूत दावेदारों का पैनल बनाकर मुख्यालय लाए हैं।  

विधायकों व स्थानीय नेताओं से रायशुमारी: बैठक में स्थानीय विधायकों, पूर्व प्रत्याशियों और वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ पैनल के नामों का मिलान कर नए समीकरणों की समीक्षा की जा रही है।  

जीत की क्षमता (Winability) प्राथमिकता: पार्टी नेताओं का कहना है कि किसी भी तरह के बाहरी दबाव के बजाय केवल जमीनी पकड़ और जीत की संभावना को ही टिकट का आधार बनाया जा रहा है।

कब आएगी पहली आधिकारिक सूची?

नामांकन की अंतिम समय-सीमा को देखते हुए पार्टी पदाधिकारियों के अनुसार 29 और 30 अगस्त तक अधिकांश निकायों (करीब 90 फीसदी सीटों) के प्रत्याशियों के नामों का ऐलान कर दिया जाएगा। जिन चुनिंदा वार्डों में विवाद या कड़ा पेंच फंसा होगा, वहां नामांकन के अंतिम दिन सिंबल जारी किए जाएंगे।  

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