Rajasthan News: ओम बिरला का कोटा नगर निगम ओबीसी महिला के लिए आरक्षित, देखें कोटा की आरक्षित सीटें

राजस्थान में 13 अगस्त 2026 को स्वायत्त शासन विभाग (DLB) द्वारा आयोजित आरक्षण लॉटरी में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के संसदीय क्षेत्र कोटा की निकायों का आरक्षण गणित तय हो गया है।

Aug 13, 2026 - 19:23
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Rajasthan News: ओम बिरला का कोटा नगर निगम ओबीसी महिला के लिए आरक्षित, देखें कोटा की आरक्षित सीटें
Kota Municipal Corporation reservation

जयपुर। राजस्थान में बहुप्रतीक्षित नगरीय निकाय एवं पंचायती राज चुनावों के तहत 13 अगस्त को राज्य स्तर पर निकाली गई आरक्षण लॉटरी में प्रदेश के चुनावी समीकरण साफ हो गए हैं। देश के लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और वरिष्ठ नेताओं के गृहक्षेत्र कोटा जिले की निकायों में शीर्ष पदों के लिए आरक्षण की तस्वीर भी पूरी तरह स्पष्ट हो चुकी है।

पूर्व में बने दो निगमों (कोटा उत्तर व कोटा दक्षिण) को मिलाकर गठित किए गए नए एकीकृत कोटा नगर निगम में महापौर (Mayor) का पद इस बार ओबीसी महिला (OBC Women) के लिए आरक्षित हुआ है।  

कोटा जिले की नगर पालिकाओं में आरक्षण की स्थिति

स्वायत्त शासन निदेशालय में निकाली गई लॉटरी के बाद कोटा जिले की 5 नगर पालिकाओं के अध्यक्ष पदों की स्थिति इस प्रकार है:  

सुल्तानपुर (नवगठित नगर पालिका): अनुसूचित जाति (SC Open) के लिए आरक्षित।  

सुकेत (नवगठित नगर पालिका): अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC Open) के लिए आरक्षित।  

इटावा नगर पालिका: अनारक्षित महिला (Unreserved Women)। (पिछली बार यह सीट ओबीसी महिला के लिए आरक्षित थी)।  

रामगंजमंडी नगर पालिका: अनारक्षित (Unreserved Open)। (पिछली बार की तरह इस बार भी सामान्य ओपन)।  

सांगोद नगर पालिका: अनारक्षित (Unreserved Open)। (पिछली बार अनारक्षित महिला सीट थी)।  

जिला प्रमुख की सीट हुई 'अनारक्षित महिला'

निकायों के साथ ही दोपहर में पंचायती राज विभाग द्वारा जिला परिषद के जिला प्रमुखों के पदों के लिए भी आरक्षण लॉटरी निकाली गई।  

कोटा जिला प्रमुख: कोटा जिला परिषद के जिला प्रमुख का पद इस बार अनारक्षित महिला (General Women) के लिए आरक्षित किया गया है। इससे पहले कोटा में जिला प्रमुख का पद अनुसूचित जाति (SC Open) वर्ग के पास था।  

50 वार्ड घटे: कोटा निगम में अब 100 वार्डों पर जंग

पुनर्गठन और परिसीमन के बाद कोटा नगर निगम के स्वरूप में बड़ा बदलाव आया है:  

वार्डों की संख्या घटी: पहले कोटा उत्तर (70 वार्ड) और कोटा दक्षिण (80 वार्ड) को मिलाकर कुल 150 वार्ड थे, जिन्हें अब घटाकर 100 वार्ड कर दिया गया है।  

कड़ा मुकाबला: 50 पार्षद पद सीधे समाप्त होने के कारण दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों (भाजपा व कांग्रेस) के टिकट दावेदारों के बीच मुकाबला बेहद कड़ा हो गया है।  

वोटर्स की स्थिति: कोटा जिले में कुल 15.29 लाख मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। अकेले कोटा नगर निगम क्षेत्र में 100 वार्डों के लिए 721 मतदान केंद्र बनाए गए हैं।  

अगले चरण की लॉटरी तिथियां

स्वायत्त शासन विभाग और पंचायती राज विभाग के शेड्यूल के अनुसार:

17 अगस्त: कोटा नगर निगम और नगर पालिकाओं के सभी वार्डों के आरक्षण की लॉटरी निकाली जाएगी।  

18 अगस्त: एसडीएम स्तर पर ग्राम पंचायतों के सरपंचों और वार्ड पंचों के आरक्षण की लॉटरी संपन्न होगी।

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