Rajasthan News: मुख्य आरोपी पदम सिंह समेत 3 शिक्षक सस्पेंड, केंद्र अधीक्षक पर फैसला लंबित
राजस्थान में एलडीसी (LDC) भर्ती परीक्षा के दौरान नकल कराने के गंभीर मामले में शिक्षा विभाग ने त्वरित और कड़ी कार्रवाई की है।
जयपुर। राजस्थान में भर्ती परीक्षाओं की पारदर्शिता बनाए रखने और नकल माफियाओं पर नकेल कसने के लिए शिक्षा विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। हाल ही में आयोजित हुई एलडीसी (LDC) भर्ती परीक्षा में अभ्यर्थियों को अनुचित साधनों (Cheating) का प्रयोग कराने और नकल की व्यवस्था में संलिप्त पाए जाने पर विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। मामले के मुख्य आरोपी शिक्षक पदम सिंह समेत तीन शिक्षकों को निलंबित कर दिया गया है।
मुख्य आरोपी पदम सिंह समेत 3 शिक्षकों पर गिरी गाज
प्रारंभिक जांच और पुलिस रिपोर्ट के आधार पर शिक्षा विभाग ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी शिक्षकों के खिलाफ निलंबन का आदेश जारी किया:
मास्टरमाइंड पदम सिंह सस्पेंड: परीक्षा केंद्र पर नकल कराने के इस पूरे नेटवर्क को संचालित करने का मुख्य आरोप शिक्षक पदम सिंह पर है। पदम सिंह की भूमिका संदिग्ध पाए जाने और पुलिस द्वारा हिरासत/जांच के दायरे में आने के बाद विभाग ने उन्हें तुरंत प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है।
दो अन्य सहयोगी शिक्षक भी सस्पेंड: पदम सिंह के अलावा नकल कराने की इस साजिश में मदद करने और अपने कर्तव्यों में घोर लापरवाही बरतने वाले दो अन्य शिक्षकों को भी निलंबित किया गया है।
मुख्यालय में उपस्थिति का आदेश: निलंबन काल के दौरान इन सभी शिक्षकों को विभागीय नियमानुसार अलग-अलग प्रशासनिक कार्यालयों में उपस्थिति दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं।
केंद्र अधीक्षक की भूमिका जांच के घेरे में
इस पूरे घटनाक्रम में जिस परीक्षा केंद्र पर यह धांधली हुई, वहां के केंद्र अधीक्षक (Center Superintendent) की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
फैसला सुरक्षित: विभाग के अधिकारियों के अनुसार, केंद्र अधीक्षक की सीधी संलिप्तता थी या यह उनकी प्रशासनिक लापरवाही का नतीजा था, इसकी विस्तृत जांच की जा रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही उनके खिलाफ कार्रवाई पर अंतिम फैसला लिया जाएगा।
केंद्र पर गाज गिरने की संभावना: यदि केंद्र अधीक्षक या निजी स्कूल प्रशासन की लापरवाही सिद्ध होती है, तो संबंधित परीक्षा केंद्र को भविष्य की सभी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए ब्लैकलिस्ट (Blacklist) भी किया जा सकता है।
जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कार्रवाई
राज्य सरकार और राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड (RSMSSB) ने पूर्व में ही स्पष्ट कर दिया था कि भर्ती परीक्षाओं में किसी भी प्रकार की धांधली या अनुचित साधनों के इस्तेमाल को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
कड़ा संदेश: शिक्षा विभाग की इस त्वरित कार्रवाई से परीक्षा ड्यूटी में तैनात अन्य कर्मचारियों और अधिकारियों में हड़कंप मच गया है। सरकार की कोशिश है कि नकल विरोधी कानून के तहत दोषियों के खिलाफ ऐसी मिसाली कार्रवाई की जाए, जिससे भर्ती परीक्षाओं की विश्वसनीयता बनी रहे।
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