Rajasthan News: छात्रनेता रामस्वरूप ओला के नेतृत्व में दूसरे दिन भी धरना जारी, 3 छात्रों के ट्रांसफर रद्द करने की मांग
श्री कर्ण नरेंद्र कृषि विश्वविद्यालय, जोबनेर (SKNAU) में संघ के पोस्टरों और छात्रावास में शाखा लगाने का विरोध करने पर 3 छात्रों के ट्रांसफर के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन तेज हो गया है।
जयपुर। श्री कर्ण नरेंद्र कृषि विश्वविद्यालय (SKNAU), जोबनेर का परिसर इस समय भारी राजनीतिक और प्रशासनिक घमासान का केंद्र बना हुआ है। छात्रावास परिसर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की शाखा लगाने और पोस्टर हटाने से शुरू हुआ यह विवाद अब उग्र आंदोलन का रूप ले चुका है। विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा विरोध करने वाले तीन छात्रों के स्थानांतरण (Transfer) के खिलाफ छात्रनेता रामस्वरूप ओला की अगुवाई में छात्र मुख्य द्वार पर दूसरे दिन भी धरने पर डटे हुए हैं।
रामस्वरूप ओला के नेतृत्व में हुंकार
छात्रों पर हुई प्रशासनिक कार्रवाई के खिलाफ छात्रनेता रामस्वरूप ओला ने मोर्चा संभाल लिया है। उनके नेतृत्व में बड़ी संख्या में छात्र एकजुट होकर विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार पर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए हैं:
'RSS Go Back' के नारे: रामस्वरूप ओला और उनके साथ आए छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए 'RSS Go Back' और 'छात्र एकता जिंदाबाद' के जोरदार नारे लगाए।
मुख्य मांग: रामस्वरूप ओला ने स्पष्ट किया कि जब तक तीनों पीड़ित छात्रों (कृष्ण कुमार चौधरी, आशीष कुमावत एवं साहिल जोशी) का ट्रांसफर आदेश निरस्त कर उन्हें सम्मानपूर्वक वापस जोबनेर मुख्य परिसर में बहाल नहीं किया जाता, तब तक यह आंदोलन समाप्त नहीं होगा।
प्रशासन पर तानाशाही का आरोप: रामस्वरूप ओला ने आरोप लगाया कि शिक्षण संस्थानों का राजनीतिकरण किया जा रहा है और अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाने वाले छात्रों का भविष्य बर्बाद करने की नीयत से यह कार्रवाई की गई है।
क्या है पूरा विवाद?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, विवाद की शुरुआत छात्रावास परिसर में आरएसएस के पोस्टर लगाने और छात्रों पर शाखा में शामिल होने का दबाव बनाने के आरोपों से हुई:
छात्रों का विरोध: बी.एससी. कृषि (ऑनर्स) तृतीय वर्ष के छात्र कृष्ण कुमार चौधरी, आशीष कुमावत एवं साहिल जोशी ने हॉस्टल परिसर और अपने कमरों के बाहर लगाए गए पोस्टरों का विरोध करते हुए उन्हें हटा दिया था।
स्थानांतरण की कार्रवाई: आरोप है कि इस विरोध से नाराज होकर विश्वविद्यालय प्रशासन (कुलपति एवं डीन) ने द्वेषपूर्ण भावना से कार्रवाई करते हुए तीनों छात्रों को अन्य दूरस्थ महाविद्यालयों में स्थानांतरित कर दिया।
परिसर में बना हुआ है तनाव
रामस्वरूप ओला के नेतृत्व में लगातार दूसरे दिन धरना जारी रहने से विश्वविद्यालय का सामान्य कामकाज और शैक्षणिक गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए परिसर के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। हालांकि, विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से अब तक इस गतिरोध को सुलझाने या वार्ता के लिए कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
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