बारां में शिक्षा के लिए जान की बाजी: उफान मारती बेथली नदी का नाला पार कर स्कूल जाने को मजबूर मासूम बच्चे
राजस्थान के बारां जिले से एक दिल दहला देने वाली तस्वीर सामने आई है, जहां मासूम बच्चे हर दिन अपनी जान जोखिम में डालकर स्कूल जाने को मजबूर हैं।
बारां। राजस्थान में मानसून की मूसलाधार बारिश के बीच बारां जिले से प्रशासन और बुनियादी ढांचे के दावों की पोल खोलती एक खौफनाक तस्वीर सामने आई है। यहां के ग्रामीण अंचल में स्कूली बच्चे अपनी जान हथेली पर रखकर उफनते नाले को पार कर रोजाना स्कूल पढ़ने जाने को विवश हैं।
उफनती बेथली नदी से निकले तेज बहाव वाले नाले के बीच से गुजरते बच्चों की ये तस्वीरें किसी बड़े हादसे को न्योता देती दिख रही हैं।
एक-दूसरे का हाथ पकड़कर पार करते हैं उफनता नाला
बारिश के दिनों में बेथली नदी का जलस्तर बढ़ते ही आसपास के गांवों का संपर्क टूट जाता है।
खौफनाक मंजर: स्कूल तक पहुंचने का कोई सुरक्षित रास्ता या पुलिया न होने के कारण छोटे-छोटे बच्चे कंधे पर भारी बैग लादे, तेज बहाव के बीच एक-दूसरे का हाथ पकड़कर नाला पार करते हैं।
हादसे का डर: पानी का बहाव इतना तेज होता है कि जरा सा पैर फिसलने पर बच्चे सीधे पानी के तेज प्रवाह में बह सकते हैं। कई बार अभिभावक खुद बच्चों को सुरक्षित पार कराने के लिए नाले पर खड़े रहते हैं।
वर्षों से पुलिया निर्माण की मांग, प्रशासन बेखबर
ग्रामीणों का कहना है कि वे हर साल नेताओं और प्रशासनिक अधिकारियों से बेथली नदी के इस नाले पर ऊंची पुलिया (Causeway/Bridge) बनाने की गुहार लगाते आ रहे हैं:
नेता भूल जाते हैं वादे: चुनावों के समय बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं, लेकिन मानसून आते ही ग्रामीण और मासूम बच्चे नियति के भरोसे छोड़ दिए जाते हैं।
पढ़ाई छोड़ने का संकट: बारिश के दिनों में कई दिनों तक स्कूल बंद रहने या रास्ता बंद होने से बच्चों की पढ़ाई का भारी नुकसान होता है, जबकि मजबूरी में जाने वाले बच्चे अपनी जिंदगी दांव पर लगाते हैं।
स्थानीय निवासियों ने राज्य सरकार और बारां जिला प्रशासन से मांग की है कि किसी बड़े हादसे का इंतजार किए बिना इस नाले पर जल्द से जल्द पुलिया का निर्माण करवाया जाए ताकि बच्चों को सुरक्षित शिक्षा मिल सके।
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