स्वास्थ्य विभाग में मंत्री और नौकरशाही के बीच टकराव: तबादलों पर अमल न होने से नाराज मंत्री ने दिखाई सख्ती

राजस्थान के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग में प्रशासनिक अधिकारियों और विभागीय मंत्री के बीच खींचतान खुलकर सामने आ गई है।

Aug 26, 2026 - 21:09
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स्वास्थ्य विभाग में मंत्री और नौकरशाही के बीच टकराव: तबादलों पर अमल न होने से नाराज मंत्री ने दिखाई सख्ती
Gajendra Singh khinwsar

जयपुर। राजस्थान के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य महकमे में एक बार फिर नौकरशाही और सत्तापक्ष के बीच तनातनी तेज हो गई है। विभागीय अधिकारियों के तबादलों और रिलीविंग आदेशों पर प्रशासनिक स्तर पर समय पर अमल न होने के चलते स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने कड़ा रुख अपनाया है।  

मंत्री द्वारा जारी निर्देशों के बावजूद संबंधित अधिकारियों को पदभार ग्रहण न कराए जाने और रिलीव न किए जाने को लेकर विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव (ACS) को सख्त नोटशीट भेजी गई है, जिससे प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है।  

विवाद की मुख्य वजह: आदेशों की लगातार अनदेखी

स्वास्थ्य महकमे में उपजे इस गतिरोध के प्रमुख कारण:

तबादला आदेशों पर रोक और देरी: विभाग में जल संसाधन और स्वायत्त शासन विभाग से जुड़े तकनीकी व प्रशासनिक अधिकारियों (जैसे अधीक्षण अभियंता और अन्य संवर्ग) के एनएचएम (NHM) में पदभार ग्रहण कराने व रिलीव करने के स्पष्ट आदेश दिए गए थे।

तय समय में रिपोर्ट नहीं: मंत्री कार्यालय द्वारा निर्धारित समयावधि बीत जाने के बाद भी पालना रिपोर्ट (Compliance Report) पेश नहीं की गई, जिसे अनुशासनहीनता माना गया।  

मंत्री की सख्त नोटशीट: स्वास्थ्य मंत्री ने अपनी नोटशीट पर स्पष्ट लिखा कि आदेशों की पालना "आज ही" (तत्काल) की जाए। उन्होंने रेखांकित किया कि सरकारी आदेशों को लटकाए रखना प्रशासनिक व्यवस्था के विपरीत है।  

ब्यूरोक्रेसी बनाम मंत्री: पहले भी उठते रहे हैं सवाल

राजस्थान के प्रशासनिक ढांचे में मंत्रियों और उच्च प्रशासनिक अधिकारियों (IAS) के बीच अधिकार क्षेत्र, ट्रांसफर-पोस्टिंग और फाइलों के निस्तारण को लेकर पहले भी खींचतान के मामले सामने आते रहे हैं।

अधिकारों की खींचतान: जनप्रतिनिधियों और मंत्रियों का तर्क रहता है कि जनता के प्रति उनकी जवाबदेही है, इसलिए नीतिगत और प्रशासनिक फैसलों में तेजी जरूरी है।

प्रशासनिक प्रक्रियाएं: वहीं नौकरशाही नियमों और तकनीकी पेचों का हवाला देकर प्रक्रियाओं के परीक्षण की बात कहती है।

आगे क्या?

स्वास्थ्य मंत्री के इस कड़े रुख के बाद सचिवालय स्तर पर संबंधित फाइलों के त्वरित निस्तारण की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। यदि समय रहते इस विवाद का समाधान नहीं हुआ, तो यह मामला मुख्यमंत्री स्तर तक पहुंच सकता है। आने वाले दिनों में स्वास्थ्य विभाग सहित अन्य विभागों में प्रशासनिक फेरबदल और तबादला सूचियों को लेकर नए समीकरण देखने को मिल सकते हैं।

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