Rajasthan News: 5 साल में 17 पेपर लीक, 34 अभ्यर्थियों ने गंवाई जान... पेपर लीक पर कांग्रेस को भाजपा का जवाबी हमला
राजस्थान में पेपर लीक के मुद्दे पर भाजपा ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। भाजपा नेताओं ने दावा किया कि कांग्रेस सरकार के पांच वर्षों में 17 भर्ती परीक्षाओं के पेपर लीक हुए और 34 अभ्यर्थियों ने जान गंवाई।
जयपुर। दिल्ली के जंतर-मंतर पर पेपर लीक के विरोध में छात्रों के प्रदर्शन के बीच राजस्थान में पेपर लीक का मुद्दा एक बार फिर सियासी बहस के केंद्र में आ गया है। कांग्रेस द्वारा केंद्र सरकार पर लगातार हमले किए जाने के बाद भारतीय जनता पार्टी ने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार को घेरते हुए उसके कार्यकाल के दौरान हुए कथित पेपर लीक मामलों को लेकर तीखा हमला बोला।
पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने शुक्रवार को कहा कि कांग्रेस आज छात्रों के नाम पर "घड़ियाली आंसू" बहा रही है, जबकि उसके शासनकाल में भर्ती परीक्षाओं में लगातार पेपर लीक की घटनाएं हुईं। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस सरकार के पांच वर्षों में 17 भर्ती परीक्षाओं के पेपर लीक हुए और 34 से अधिक अभ्यर्थियों ने आत्महत्या कर ली। राठौड़ ने कहा कि उस समय कांग्रेस नेताओं ने छात्रों और उनके परिवारों की पीड़ा की कोई चिंता नहीं की।
उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और तत्कालीन शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा पर निशाना साधते हुए कहा कि आज सहानुभूति जताने वाले नेताओं के कार्यकाल में ही सबसे अधिक पेपर लीक की घटनाएं हुईं। राठौड़ ने आरोप लगाया कि इंटरनेट बंदी जैसी व्यवस्थाओं के बावजूद प्रश्नपत्र लीक होते रहे और लाखों युवाओं के भविष्य पर इसका असर पड़ा।
राठौड़ ने यह भी कहा कि पिछले लगभग ढाई वर्षों में कांग्रेस राजस्थान में कोई बड़ा जनआंदोलन खड़ा नहीं कर सकी है और छात्रों को गुमराह करने का प्रयास कर रही है। उनके अनुसार प्रदेश का युवा अब इन मुद्दों को समझ चुका है और कांग्रेस के आरोपों में नहीं आने वाला।
वहीं, राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने कहा कि NEET पेपर लीक मामले के दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने साथ ही कांग्रेस सरकार के कार्यकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि राजस्थान में पहले भी कई भर्ती परीक्षाओं के पेपर लीक हुए थे। दिलावर ने कहा कि छात्रों के नाम पर राजनीति नहीं होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जरूरी है।
राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष अरुण चतुर्वेदी ने भी कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि पूर्ववर्ती सरकार के दौरान रीट, कांस्टेबल भर्ती और सब-इंस्पेक्टर भर्ती जैसी महत्वपूर्ण परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाओं ने लाखों युवाओं की मेहनत पर पानी फेर दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को दूसरों पर आरोप लगाने से पहले अपने कार्यकाल का आकलन करना चाहिए।
गौरतलब है कि 17 पेपर लीक और 34 अभ्यर्थियों की आत्महत्या से जुड़े आंकड़े भाजपा नेताओं द्वारा लगाए गए राजनीतिक दावे हैं। खबर में इन दावों का स्वतंत्र सत्यापन प्रस्तुत नहीं किया गया है।
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