Churu News: यमुना जल समझौते (MoA) को सार्वजनिक करे सरकार, सांसद राहुल कस्वां ने लोकसभा में उठाई मांग
चूरू सांसद राहुल कस्वां ने लोकसभा में नियम 377 के तहत शेखावाटी के लिए अतिमहत्वपूर्ण यमुना जल परियोजना का मुद्दा उठाया
चूरू। शेखावाटी क्षेत्र के लिए सबसे संवेदनशील और महत्वपूर्ण यमुना जल परियोजना (Yamuna Water Project) को लेकर चूरू संसदीय क्षेत्र के सांसद राहुल कस्वां (Rahul Kaswan) ने केंद्र सरकार के सामने पारदर्शिता की बड़ी मांग रखी है। लोकसभा में नियम 377 के अंतर्गत यह मुद्दा उठाते हुए कस्वां ने कहा कि राजस्थान सरकार, हरियाणा सरकार और भारत सरकार के बीच हाल ही में हुए मेमोरेंडम ऑफ एग्रीमेंट (MoA) को बिना देरी किए सार्वजनिक किया जाना चाहिए।
सांसद ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि शेखावाटी के नागरिकों और किसानों को उस समझौते का पूरा विवरण जानने का हक है जो उनके भविष्य से सीधे जुड़ा हुआ है।
दशकों पुराना पेयजल व सिंचाई संकट
सांसद राहुल कस्वां ने सदन को अवगत कराया कि चूरू, झुंझुनूं और सीकर (शेखावाटी क्षेत्र) पिछले कई दशकों से भीषण पेयजल संकट और लगातार गिरते भूजल स्तर का सामना कर रहे हैं।
किसान और आम नागरिक आस में: क्षेत्र के लाखों लोग यमुना जल परियोजना को एक ऐसी संजीवनी के रूप में देख रहे हैं, जिससे न केवल पीने का साफ पानी मिलेगा, बल्कि खेतों के लिए सिंचाई जल की व्यवस्था भी हो सकेगी।
MoA पर उठे सवाल: क्या छुपा रही है सरकार?
सांसद कस्वां ने सवाल उठाया कि जब सार्वजनिक रूप से यह घोषणा की जा चुकी है कि समझौते पर हस्ताक्षर (MoA signed) हो चुके हैं, तो फिर उसकी शर्तों और प्रावधानों को दबाकर क्यों रखा जा रहा है?
अस्पष्ट प्रावधान: परियोजना का वास्तविक स्वरूप क्या होगा, किन-किन जिलों व गांवों को पानी मिलेगा और सिंचाई के लिए क्या शर्तें रखी गई हैं, इस पर स्थिति स्पष्ट नहीं है।
समय-सीमा और चरणबद्ध योजना: इस परियोजना को किस चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा और इसे पूरा होने में कितना समय लगेगा, इसका कोई ब्योरा सामने नहीं आया है।
सिंचाई जल में कटौती की आशंका: उन्होंने कहा कि यदि संशोधित समझौते में सिंचाई के पानी से जुड़े प्रावधानों में कोई फेरबदल हुआ है, तो उसकी सच्चाई भी किसानों के सामने आनी चाहिए।
यमुना जल समझौता शेखावाटी की जीवनरेखा: कस्वां
सांसद राहुल कस्वां ने कहा कि किसी भी विकासात्मक नीति या अंतरराज्यीय समझौते में जनता का विश्वास सबसे ऊपर होता है।
सांसद राहुल कस्वां ने कहा: "यमुना जल परियोजना केवल एक आधारभूत संरचना (इन्फ्रास्ट्रक्चर) परियोजना नहीं है, बल्कि यह शेखावाटी के लाखों लोगों के लिए जीवनरेखा है। इसके क्रियान्वयन में पूर्ण पारदर्शिता बनाए रखना आवश्यक है, ताकि जनता का विश्वास कायम रहे और किसानों तथा आम नागरिकों की वर्षों से जुड़ी हुई न्यायोचित अपेक्षाएँ पूरी हो सकें।"
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