डकैत जगन गुर्जर हत्याकांड: अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में 81 CCTV कैमरे थे खराब, 10 बार चेताने के बाद भी नहीं हुआ सुधार; हाईकोर्ट में खुली पोल

चंबल के कुख्यात पूर्व दस्यु जगन गुर्जर की अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में हुई हत्या के मामले में जेल सुरक्षा व्यवस्था की गंभीर खामियां उजागर हुई हैं।

Aug 31, 2026 - 01:20
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डकैत जगन गुर्जर हत्याकांड: अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में 81 CCTV कैमरे थे खराब, 10 बार चेताने के बाद भी नहीं हुआ सुधार; हाईकोर्ट में खुली पोल
Ajmer Jail

अजमेर। राजस्थान, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के बीहड़ों में कभी दहशत का पर्याय रहे चंबल के खूंखार डकैत जगन गुर्जर की अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में हुई हत्या के मामले में जेल के सुरक्षा तंत्र की पोल खुल गई है।  

राजस्थान हाईकोर्ट द्वारा जेलों की सुरक्षा और कैदियों के कल्याण पर लिए गए स्वतः संज्ञान के दौरान पेश रिपोर्ट में सामने आया है कि जिस जेल को राज्य का सबसे सुरक्षित कारागृह माना जाता है, वहां के CCTV कैमरे, यूपीएस और मॉनिटरिंग सिस्टम महीनों से खराब पड़े थे।

319 में से 81 कैमरे बंद, सेल के पास का कैमरा भी था खराब

जेल प्रशासन द्वारा पेश अधिकृत आंकड़ों के मुताबिक:

81 कैमरों में खामी: जेल में कुल 319 सीसीटीवी कैमरे लगे हैं, जिनमें से 61 कैमरे पूरी तरह खराब थे और 20 कैमरे यूपीएस व पावर बैकअप की समस्या के कारण बार-बार ऑफलाइन हो रहे थे। 

वारदात वाले सेल का कैमरा बंद: जगन गुर्जर सेल नंबर 5 में बंद था। उसके सेल के ठीक पास लगा कैमरा 24 जून को सुबह 9:16 बजे तकनीकी खराबी के चलते बंद हो गया था।  

टूथपेस्ट लगाने का दावा: आरोपी कैदी विष्णु जाट ने पूछताछ में बताया कि उसने वारदात से पहले बचे हुए कैमरे के लेंस पर टूथपेस्ट पोत दिया था, हालांकि रिपोर्ट से स्पष्ट हुआ कि कैमरे पहले से ही तकनीकी खराबी के कारण फुटेज रिकॉर्ड नहीं कर पा रहे थे।

DOIT विभाग को लिखे गए थे 10 पत्र, नहीं हुई सुनवाई

रिपोर्ट में सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग (DoIT) की लापरवाही भी उजागर हुई है:

लगातार पत्राचार: जेल अधीक्षक ने 21 मार्च से 30 जून के बीच कुल 10 बार डीओआईटी विभाग को पत्र भेजकर खराब कैमरों, खराब यूपीएस और मॉनिटरों को तुरंत ठीक कराने का आग्रह किया था।  

हत्या के अगले दिन भी लिखा पत्र: घटना के ठीक अगले दिन 30 जून को भी जेल प्रशासन ने विभाग को पत्र लिखकर खेद जताया कि बार-बार अनुरोध के बावजूद कोई तकनीकी टीम नहीं भेजी गई।  

हाईकोर्ट का कड़ा रुख: हाईकोर्ट में न्यायमित्र प्रतीक कासलीवाल ने इस गंभीर लापरवाही को अदालत के समक्ष रखा, जिसके बाद कोर्ट ने सभी जेलों में खराब कैमरों को युद्धस्तर पर दुरुस्त करने के सख्त निर्देश जारी किए हैं।

लूडो और तानों के विवाद में गला घोंटकर की गई थी हत्या

जगन गुर्जर को 16 मई को इस वार्ड में शिफ्ट किया गया था, जहां वह विष्णु और पंकज के साथ रहता था और लूडो खेलता था। 29 जून को आरोपी विष्णु ने तौलिए/गमछे से गला दबाकर जगन की हत्या कर दी थी। पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि जगन उसे 'छोटा चोर' कहकर ताने मारता था, जिससे क्षुब्ध होकर उसने हत्या की।  

हालांकि, हाई सिक्योरिटी जेल के भीतर इतने बड़े डकैत की हत्या और खराब कैमरों के खुलासे ने जेल सुरक्षा और प्रशासनिक मॉनिटरिंग पर कई गहरे सवाल खड़े कर दिए हैं।

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