Rajasthan News: "राजनीति की वजह से मेरी जगह-जगह दुश्मनी हुई", हनुमान बेनीवाल माइक फेंककर चले गए
राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के सुप्रीमो और नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल का एक नया वीडियो सामने आया है, जिसमें वे भारी गुस्से में नजर आ रहे हैं।
तालछापर। अपने बेबाक और आक्रामक अंदाज के लिए पहचाने जाने वाले राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के सुप्रीमो और सांसद हनुमान बेनीवाल (Hanuman Beniwal) एक बार फिर अपने तीखे तेवरों को लेकर चर्चा में हैं। रविवार देर रात चूरू जिले के तालछापर कस्बे में आयोजित एक कार्यक्रम में बेनीवाल इस कदर नाराज हुए कि उन्होंने बीच में ही अपना भाषण रोक दिया और मंच पर माइक फेंककर रवाना हो गए।
इस पूरी घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
युवाओं के शोर-शराबे से बिगड़ा बेनीवाल का मिजाज
दरअसल, हनुमान बेनीवाल रविवार रात तालछापर में पार्टी कार्यालय के उद्घाटन कार्यक्रम को संबोधित करने पहुंचे थे।
शोर मचा रहे थे युवा: जब बेनीवाल मंच से अपने राजनीतिक विरोधियों पर निशाना साध रहे थे, तभी सामने बैठे कुछ युवा लगातार शोर-शराबा कर रहे थे।
दी चेतावनी: सांसद ने उन्हें कई बार शांत रहने की अपील की और कहा, "तुमने नेता देखा है कि नहीं? तुम लोग बावले क्यों हो रहे हो?" लेकिन जब युवा नहीं माने, तो बेनीवाल का पारा चढ़ गया।
उन्होंने मंच से ही फटकार लगाते हुए कहा, "मैं दुबारा यहां नहीं आऊंगा। अभी बिना भाषण दिए चला जाऊंगा। क्या किसी विरोधी ने तुम्हें भेजा है? इन्हें चुप कराओ, शर्म नहीं आती।"
"चूरू की राजनीति ने कराई मेरी दुश्मनियां"
गुस्से में हनुमान बेनीवाल ने चूरू की राजनीति और वहां के लोगों को लेकर भी तीखी बातें कहीं।
उन्होंने कहा, "तुम लोग इतने कमजोर हो, तभी तुम्हारा शोषण हो रहा है। इस चूरू जिले की राजनीति की वजह से राजस्थान के अंदर मेरी जगह-जगह दुश्मनियां हुईं। जब तुम्हें मारा गया तो हनुमान बेनीवाल तुम्हारे साथ आया। तुम्हारे नेता तो वापस चले गए, कोई बीजेपी में सेट हो गया, कोई कांग्रेस में। मैं तुम्हारे आंसू देखकर रात को 1 बजे तक लड़ रहा हूं।"
आयोजकों को भी लगाई जमकर फटकार
बेनीवाल का गुस्सा केवल शोर मचाने वाले युवाओं तक सीमित नहीं रहा; उन्होंने कार्यक्रम के आयोजकों को भी आड़े हाथों लिया।
"मेरा स्तर बड़ा है": उन्होंने आयोजकों से कहा, "यह आपकी बहुत बड़ी गलती है। ऐसी जगह मेरे जैसे आदमी को नहीं लाना चाहिए। आपको तो प्रधान-प्रमुख जैसे लोगों को बुलाकर भाषण करवाना चाहिए।"
"स्कूल के बच्चों को क्यों लाए?": बेनीवाल ने भीड़ में बैठे स्कूल के बच्चों पर भी सवाल उठाया और कहा, "रात को कौन घूमता है? ये स्कूल के बच्चों को क्यों पकड़कर लाए? यहां क्यों बिठाया है?"
अंत में, लगातार हो रहे व्यवधान से खीझकर बेनीवाल ने कहा, "चलो, अब भाषण नहीं दूंगा।" इतना कहते ही उन्होंने झल्लाहट में अपना माइक मंच पर फेंका और कार्यक्रम को बीच में ही छोड़कर वहां से निकल गए। वहां मौजूद भीड़ और आयोजक इस अचानक हुए घटनाक्रम से स्तब्ध रह गए।
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