Rajasthan News: ओबीसी आयोग की रिपोर्ट पर राजस्थान में भारी सियासत: डोटासरा बोले- "पिछड़े वर्ग को आपस में लड़ाने की साजिश", जोगाराम पटेल का करारा पलटवार
राजस्थान में राज्य ओबीसी आयोग द्वारा पंचायती राज और नगरीय निकाय चुनावों में राजनीतिक आरक्षण को लेकर सौंपी गई रिपोर्ट पर राजनीतिक घमासान छिड़ गया है।
जयपुर। राजस्थान में स्थानीय निकायों और त्रिस्तरीय पंचायतों के आगामी चुनावों से पहले राज्य अति पिछड़ा वर्ग एवं पिछड़ा वर्ग (OBC) आयोग की रिपोर्ट जमा होने के बाद प्रदेश की राजनीति चरम पर पहुंच गई है। कांग्रेस और सत्तारूढ़ भाजपा आमने-सामने आ गई हैं।
राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने प्रेसवार्ता कर राज्य की भजनलाल शर्मा सरकार और ओबीसी आयोग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। दूसरी ओर, राज्य के संसदीय कार्य एवं विधि मंत्री जोगाराम पटेल ने डोटासरा के आरोपों को खारिज करते हुए कांग्रेस को आड़े हाथों लिया है।
"आरक्षण बढ़ाना नहीं, जातियों को लड़ाना मकसद" - डोटासरा
पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा ने केंद्र व राज्य की भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए गंभीर आरोप लगाए:
रिपोर्ट में देरी पर सवाल: डोटासरा ने कहा, "जो रिपोर्ट 3 महीने में आनी चाहिए थी, उसे तैयार करने में 13 महीने लगा दिए गए। इस देरी की वजह से निकायों में प्रशासक बैठाए गए और जनप्रतिनिधियों का हक छीना गया।"
रिपोर्ट लीक होने का आरोप: उन्होंने कहा कि सरकार की रिपोर्ट सार्वजनिक होने से पहले ही मीडिया में लीक हो रही है।
आरक्षण बढ़ाने पर चुप्पी: डोटासरा ने तर्क दिया कि जब सर्वे में ओबीसी की आबादी लगभग 55% बताई जा रही है, तो सरकार 50 प्रतिशत की सीमा (Cap) को हटाकर ओबीसी का आरक्षण प्रतिशत क्यों नहीं बढ़ा रही है?
आपस में लड़ाने की नीति: उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा की मंशा पिछड़े वर्ग का भला करने की नहीं, बल्कि अंग्रेजों की तरह "बांटो और राज करो" की नीति अपनाकर ओबीसी वर्ग की जातियों को आपस में लड़ाने की है।
गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा: "ओबीसी आयोग की रिपोर्ट के नाम पर केवल आंकड़ेबाजी की जा रही है। भाजपा सरकार का उद्देश्य आबादी के हिसाब से पिछड़ों को उनका हक देना नहीं, बल्कि चुनाव टालना और ओबीसी समाज को बांटना है।"
कानून मंत्री जोगाराम पटेल का तीखा पलटवार
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए कैबिनेट मंत्री जोगाराम पटेल ने कहा कि कांग्रेस हमेशा से ही संवैधानिक संस्थाओं और निकायों के चुनावों को बाधित करती रही है।
अदालत के आदेशों का पालन: जोगाराम पटेल ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार ने हाई कोर्ट के निर्देशों के अनुरूप पूरी पारदर्शिता के साथ ओबीसी आयोग का गठन किया और उसकी रिपोर्ट प्राप्त की है।
नियमों के तहत आरक्षण: उन्होंने कहा कि निकायों में आरक्षण की लॉटरी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से पूरी की जा रही है और नियम-कायदों के अनुसार ही हर वर्ग को उनका हक दिया जा रहा है।
कांग्रेस के कार्यकाल का हिसाब: मंत्री ने कहा कि अपने शासनकाल में निकाय चुनाव समय पर न करा पाने वाली कांग्रेस आज जब चुनाव होने जा रहे हैं, तो जनता का ध्यान भटकाने के लिए अनर्गल आरोप लगा रही है।
हाईकोर्ट के निर्देशों के अनुसार 15 अगस्त तक लॉटरी और आरक्षण निर्धारण का कार्य पूरा होना है, जिसके बाद चुनाव आयोग मतदान तिथियों का ऐलान करेगा। चुनाव से ठीक पहले ओबीसी आरक्षण रिपोर्ट पर बढ़ा यह राजनीतिक विवाद आने वाले दिनों में और गरमाने के पूरे आसार हैं।
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