Rajasthan News: कौन हैं वो सांसद जिन्हें UN से आया बुलावा? जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र के मंच पर पहली बार गूंजेगी भारत के आदिवासियों की आवाज
राजस्थान के बांसवाड़ा-डूंगरपुर लोकसभा सीट से भारत आदिवासी पार्टी (BAP) के सांसद राजकुमार रोत को संयुक्त राष्ट्र (UN) से बड़ा बुलावा आया है।
डूंगरपुर। राजस्थान के आदिवासी अंचल वागड़ की राजनीति से निकलकर दिल्ली की संसद तक का सफर तय करने वाले भारत आदिवासी पार्टी (BAP) के सांसद राजकुमार रोत (Rajkumar Roat) अब वैश्विक पटल पर भारत का प्रतिनिधित्व करने जा रहे हैं। उन्हें संयुक्त राष्ट्र (United Nations) के एक बेहद महत्वपूर्ण वैश्विक मंच से बुलावा आया है, जहां वे पहली बार देश के करोड़ों आदिवासियों की आवाज उठाएंगे।
जिनेवा में EMRIP के 19वें सत्र में करेंगे शिरकत
सांसद राजकुमार रोत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (पूर्व में ट्विटर) पर एक भावुक और गौरवपूर्ण पोस्ट साझा करते हुए बताया कि उन्हें जिनेवा, स्विट्जरलैंड में आयोजित होने वाले एक विशेष सत्र में आमंत्रित किया गया है।
कब और कहां है कार्यक्रम? यह कार्यक्रम 13 जुलाई से 17 जुलाई 2026 तक स्विट्जरलैंड के जिनेवा स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में आयोजित होगा।
क्या है मंच का नाम? वे संयुक्त राष्ट्र के 'आदिवासी अधिकारों पर विशेषज्ञ तंत्र' (Expert Mechanism on the Rights of Indigenous Peoples - EMRIP) के 19वें सत्र में हिस्सा लेंगे।
करोड़ों आदिवासियों की आवाज को विश्व पटल तक पहुंचाने का अवसर
अपने पहली बार संसद पहुंचने से लेकर यूएन तक के सफर पर सांसद रोत ने कहा कि यह गौरव केवल उनका व्यक्तिगत नहीं है। उन्होंने लिखा, "यह केवल मेरा नहीं, बल्कि देश के करोड़ों आदिवासियों की आवाज को विश्व पटल तक पहुंचने का अवसर है।"
बता दें कि यह वही महत्वपूर्ण संयुक्त राष्ट्र मंच है, जिसने विश्व आदिवासी दिवस (9 अगस्त) को वैश्विक पहचान दिलाने और दुनिया भर में आदिवासी अधिकारों को मजबूती देने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई थी।
अब इसी मंच पर एक युवा और मुखर आदिवासी नेता का पहुंचना, राजस्थान ही नहीं बल्कि देश के तमाम आदिवासी बहुल राज्यों के लिए एक बहुत बड़ी बात मानी जा रही है।
सांसद ने जनता से मांगे महत्वपूर्ण सुझाव
अपने संबोधन को अधिक सार्थक और जमीनी हकीकत से जुड़ा बनाने के लिए सांसद राजकुमार रोत ने एक अनोखी पहल की है। उन्होंने आम जनता, शिक्षाविदों, समाजसेवियों और प्रबुद्धजनों से आदिवासी समाज के महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपने सुझाव मांगे हैं, ताकि भारत के आदिवासियों की वर्तमान स्थिति, उनके सामने आने वाली चुनौतियों और उनके अधिकारों के संरक्षण की बात को संयुक्त राष्ट्र के मंच पर पूरी ताकत से रखा जा सके।
बांसवाड़ा-डूंगरपुर लोकसभा क्षेत्र से शानदार जीत दर्ज करने के बाद राजकुमार रोत लगातार आदिवासी अस्मिता और अधिकारों के मुद्दों पर मुखर रहे हैं, और अब वैश्विक मंच पर उनके संबोधन का सभी को बेसब्री से इंतजार है।
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