Rajasthan News: 'नशा और आर्थिक तंगी ने बिगाड़ा खेल': राजस्थान में हार के कारणों पर हनुमान बेनीवाल का बड़ा बयान
राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के प्रमुख और नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने राजस्थान में अपनी पार्टी के चुनावी प्रदर्शन और हार को लेकर एक बड़ा बयान दिया है।
जयपुर। अपनी बेबाक बयानबाजी और किसान-युवाओं के मुद्दों को मुखरता से उठाने के लिए पहचाने जाने वाले राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के सुप्रीमों और नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने हालिया चुनावों में पार्टी की हार को लेकर एक चौंकाने वाला और गंभीर कारण बताया है। बेनीवाल का मानना है कि राजस्थान में उनकी पार्टी की उम्मीदों को सत्ताधारी दलों की रणनीतियों ने नहीं, बल्कि प्रदेश में फैल रहे 'नशे के जाल' और 'आर्थिक तंगी' ने नुकसान पहुंचाया है।
युवाओं में फैल रहा नशा सबसे बड़ी चिंता
हनुमान बेनीवाल ने एक सभा को संबोधित करते हुए प्रदेश के युवाओं में बढ़ती ड्रग्स और मादक पदार्थों की लत पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा, "आज राजस्थान का युवा, विशेषकर ग्रामीण इलाकों का नौजवान, सिंथेटिक ड्रग्स और अन्य नशों की चपेट में आ चुका है। नशे के इस कारोबार ने हमारे युवाओं की सोचने-समझने की ताकत को खत्म कर दिया है।"
बेनीवाल के अनुसार, चुनाव के दौरान विपक्षी पार्टियों और माफियों ने युवाओं को नशे की ओर धकेलने का काम किया, जिससे वे रोजगार, पेपर लीक और कृषि जैसे बुनियादी मुद्दों से भटक गए। उन्होंने दावा किया कि नशे के प्रभाव और वोट बैंक की इस गंदी राजनीति के कारण ही RLP को चुनावों में वह समर्थन नहीं मिल पाया, जिसकी उम्मीद थी।
आर्थिक तंगी और बेरोजगारी ने तोड़ी कमर
नशे के साथ-साथ बेनीवाल ने 'आर्थिक बदहाली' को भी हार का एक प्रमुख फैक्टर माना। उन्होंने कहा कि प्रदेश में रोजगार के साधन नहीं हैं, बार-बार पेपर लीक हो रहे हैं और किसान कर्ज में डूबा है।
जब एक युवा के पास रोजगार नहीं होता और वह आर्थिक तंगी से गुजरता है, तो वह आसानी से निराशा का शिकार होकर नशे की ओर मुड़ जाता है।
इसी आर्थिक लाचारी का फायदा उठाकर चुनाव के समय धनबल और शराब/नशे का जमकर इस्तेमाल किया गया, जिसने लोकतांत्रिक प्रक्रिया को गहराई से प्रभावित किया।
संसद से सड़क तक उठाई है नशे के खिलाफ आवाज
गौरतलब है कि हनुमान बेनीवाल लंबे समय से राजस्थान और पूरे देश में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ मुखर रहे हैं। उन्होंने संसद (लोकसभा) में भी कई बार युवाओं में बढ़ते नशे (Drug Abuse) की समस्या पर नियम 193 के तहत चर्चा की मांग की है और सरकार को इस दिशा में सख्त कानून बनाने के लिए चेताया है।
आगे की रणनीति: 'नशा मुक्त राजस्थान' का संकल्प
अपनी चुनावी हार से सबक लेते हुए हनुमान बेनीवाल ने साफ कर दिया है कि उनकी पार्टी अब सड़क पर उतरकर एक बड़ा सामाजिक आंदोलन छेड़ेगी। RLP आने वाले समय में 'नशा मुक्त राजस्थान' और युवाओं के रोजगार को लेकर एक बड़ा जन-जागरण अभियान चलाने की तैयारी में है। बेनीवाल ने युवाओं से अपील की है कि वे इस नशे के चक्रव्यूह से बाहर निकलें और अपने हकों की लड़ाई के लिए राजनीतिक रूप से जागरूक बनें।
बेनीवाल का यह बयान न केवल उनके चुनावी विश्लेषण को दर्शाता है, बल्कि राजस्थान के ग्रामीण और शहरी इलाकों में पनप रही एक बेहद गंभीर सामाजिक समस्या की ओर भी इशारा करता है, जिस पर राज्य सरकार और प्रशासन को तुरंत ध्यान देने की आवश्यकता है।
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