Rajasthan News:'डोटासरा के परिवार ने RAS इंटरव्यू में बढ़वाए नंबर': किरोड़ी लाल मीणा ने सीएम को लिखी चिट्ठी, परीक्षा में धांधली का लगाया बड़ा आरोप
राजस्थान की सियासत में 'चिट्ठी बम' के जरिए एक नया भूचाल आ गया है। कैबिनेट मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को एक बेहद संवेदनशील पत्र लिखकर राजस्थान कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और उनके परिवार पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
जयपुर। राजस्थान में प्रतियोगी परीक्षाओं की शुचिता और कथित घोटालों को लेकर चल रही खींचतान के बीच भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता और कैबिनेट मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने एक बार फिर बड़ा धमाका किया है। इस बार उनके निशाने पर राजस्थान कांग्रेस के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा हैं। किरोड़ी लाल मीणा ने मुख्यमंत्री को एक पत्र (चिट्ठी बम) लिखकर डोटासरा परिवार पर आरएएस (RAS) भर्ती परीक्षा के इंटरव्यू में नंबरों की हेराफेरी कराने का खुला आरोप लगाया है।
इस गंभीर शिकायत के सामने आने के बाद प्रदेश का राजनीतिक माहौल पूरी तरह गर्मा गया है और राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की पुरानी भर्तियों पर भी सवाल उठने लगे हैं।
चिट्ठी में क्या हैं गंभीर आरोप?
डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को भेजे पत्र में कुछ पुराने आरएएस भर्ती परिणामों के आंकड़ों और कड़ियों का हवाला दिया है:
इंटरव्यू में असामान्य नंबर: मंत्री का आरोप है कि गोविंद सिंह डोटासरा के परिवार और उनके नजदीकी रिश्तेदारों को आरएएस मुख्य परीक्षा (Written Exam) में औसत अंक मिले थे, लेकिन इंटरव्यू के दौरान उन्हें अप्रत्याशित रूप से बहुत ऊंचे और एक समान (जैसे 80% या उससे अधिक) नंबर दिए गए।
मिलीभगत का दावा: किरोड़ी लाल ने आरोप लगाया कि तत्कालीन कांग्रेस सरकार के राजनीतिक प्रभाव और आरपीएससी के तत्कालीन बोर्ड सदस्यों की मिलीभगत के चलते योग्य और प्रतिभावान अभ्यर्थियों को दरकिनार कर एक खास परिवार को फायदा पहुंचाया गया।
जांच की मांग: पत्र में मुख्यमंत्री से आग्रह किया गया है कि इस पूरे मामले को स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) या किसी स्वतंत्र उच्च स्तरीय एजेंसी को सौंपा जाए, ताकि कॉपियों के पुनर्मूल्यांकन और इंटरव्यू लेने वाले बोर्ड के रिकॉर्ड्स की बारीकी से जांच हो सके।
पुरानी अदावत का नया अध्याय
यह पहला मौका नहीं है जब किरोड़ी लाल मीणा ने डोटासरा पर निशाना साधा है। जब राजस्थान में कांग्रेस की सरकार थी, तब भी किरोड़ी लाल ने रीट (REET), सब-इंस्पेक्टर (SI) और आरएएस भर्ती परीक्षाओं में धांधली को लेकर तत्कालीन शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा को घेरा था।
भाजपा सरकार आने के बाद से पेपर लीक माफियाओं पर लगातार हो रही कार्रवाई के बीच इस 'चिट्ठी बम' को कांग्रेस नेतृत्व को बैकफुट पर धकेलने की एक बड़ी रणनीतिक चाल के रूप में देखा जा रहा है।
सियासी गलियारों में हड़कंप, डोटासरा खेमे के पलटवार का इंतजार
इस पत्र के सार्वजनिक होने के बाद कांग्रेस खेमे में भी खलबली मची हुई है। हालांकि, डोटासरा समर्थकों और कांग्रेस नेताओं का हमेशा से यह स्टैंड रहा है कि भाजपा सरकार अपनी विफलताओं, बेरोजगारी और खाद-पानी जैसे बुनियादी संकटों से जनता का ध्यान भटकाने के लिए लगातार उनके परिवार को निशाना बना रही है और राजनीतिक द्वेष के चलते पुरानी क्लीयर हो चुकी भर्तियों को दोबारा कुरेद रही है।
फिलहाल, मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) इस पत्र पर कानूनी और प्रशासनिक राय ले रहा है। यदि सरकार इस मामले में कोई औपचारिक जांच शुरू करने का आदेश देती है, तो आने वाले दिनों में राजस्थान की राजनीति में डोटासरा बनाम किरोड़ी लाल मीणा का यह महामुकाबला और भी ज्यादा आक्रामक रूप ले सकता है।
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