Rajasthan News: चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर के पैर पकड़ रोने लगी महिला नर्सिंगकर्मी, बोली- 'सर मेरा ट्रांसफर कर दीजिए'
राजस्थान के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर का एक भावुक कर देने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
जयपुर। राजस्थान से एक बेहद भावुक और व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े करने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है। प्रदेश के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर (Gajendra Singh Khinwsar) के सामने एक महिला नर्सिंगकर्मी अचानक फूट-फूट कर रो पड़ी और अपने तबादले (Transfer) की गुहार लगाते हुए उनके पैरों में गिर गई। इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद सरकारी महकमों में तबादला नीति और कर्मचारियों की परेशानियों को लेकर नई बहस शुरू हो गई है।
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के अनुसार, चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर जनसुनवाई और विभागीय कार्यों के सिलसिले में लोगों की समस्याएं सुन रहे थे। इसी दौरान एक महिला नर्सिंगकर्मी उनके पास पहुंची। वह अपनी गंभीर पारिवारिक या व्यक्तिगत समस्याओं के चलते लंबे समय से अपने कार्यस्थल से तबादला चाह रही थी, लेकिन विभागीय स्तर पर उसकी सुनवाई नहीं हो पा रही थी।
मंत्री को अपने सामने देखकर महिला का दर्द छलक पड़ा। वह भावुक हो गई और न्याय की आस में रोते हुए सीधे मंत्री के पैरों में झुक गई। महिला ने बिलखते हुए गुहार लगाई, "सर, मेरी मजबूरी समझिए, प्लीज मेरा ट्रांसफर कर दीजिए, मैं बहुत परेशान हूं।"
मंत्री खींवसर का क्या था रुख?
अचानक महिला को अपने पैरों में गिरता देख और इस कदर रोता हुआ पाकर चिकित्सा मंत्री भी कुछ पल के लिए असहज हो गए। उन्होंने तुरंत संवेदनशीलता दिखाते हुए महिला को उठाया और उसे ढाढस बंधाया।
मंत्री ने महिला की पूरी बात शांति से सुनी और उसकी परेशानी को समझा।
उन्होंने मौके पर मौजूद विभागीय अधिकारियों को महिला के आवेदन को लेने और सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए नियमानुसार उचित और त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
तबादला नीति पर फिर उठे सवाल
इस वायरल वीडियो ने राजस्थान में सरकारी कर्मचारियों, विशेषकर चिकित्सा और शिक्षा विभाग में होने वाले तबादलों की जटिल प्रक्रिया की ओर सबका ध्यान खींचा है।
कर्मचारियों की मजबूरी: कई बार कर्मचारियों को अपने घर या परिवार से सैकड़ों किलोमीटर दूर पोस्टिंग दे दी जाती है, जिससे उन्हें भारी पारिवारिक और आर्थिक समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
सिफारिशी व्यवस्था पर चोट: सोशल मीडिया पर लोग इस वीडियो को देखकर लिख रहे हैं कि आम कर्मचारियों का दर्द यही है कि बिना किसी मजबूत राजनीतिक या प्रशासनिक 'सिफारिश' के उनके जायज तबादले भी फाइलों में अटक जाते हैं।
फिलहाल, इस घटना के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोग महिला नर्सिंगकर्मी के प्रति गहरी सहानुभूति जता रहे हैं। साथ ही, राज्य सरकार से यह मांग भी उठ रही है कि कर्मचारियों के तबादलों के लिए एक ऐसी पारदर्शी और मानवीय नीति बनाई जाए, ताकि भविष्य में किसी भी कर्मचारी को इस तरह अपने आत्मसम्मान को दरकिनार कर किसी के पैरों में न गिरना पड़े।
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