Rajasthan News: बुलडोजर एक्शन पर भड़के विधायक रविंद्र सिंह भाटी, सरकार को दी खुली चेतावनी- "विधानसभा से लेकर सड़क तक लड़ेंगे आर-पार की लड़ाई"
राजस्थान में प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे 'बुलडोजर एक्शन' को लेकर सूबे की सियासत पूरी तरह से गरमा गई है। प्रदेश के चर्चित युवा और निर्दलीय विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने इस कार्रवाई पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया है।
बाड़मेर। राजस्थान में अवैध निर्माण और अतिक्रमण के नाम पर हो रही प्रशासनिक 'बुलडोजर कार्रवाई' (Bulldozer Action) अब एक बड़े राजनीतिक विवाद का रूप लेती जा रही है। शिव विधानसभा क्षेत्र से निर्दलीय विधायक और युवाओं के बीच खासे लोकप्रिय नेता रविंद्र सिंह भाटी (Ravindra Singh Bhati) ने इस मुद्दे पर सरकार के खिलाफ सीधा मोर्चा खोल दिया है।
भाटी ने प्रशासन के इस कड़े रुख को गरीबों और आम जनता पर अत्याचार बताते हुए अपनी तीखी प्रतिक्रिया दर्ज कराई है।
क्या बोले रविंद्र भाटी?
एक विशेष साक्षात्कार के दौरान, विधायक रविंद्र भाटी का गुस्सा सातवें आसमान पर नजर आया। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों और राज्य सरकार की मंशा पर गंभीर सवाल उठाए।
कार्रवाई को बताया अन्यायपूर्ण: भाटी ने आरोप लगाया कि अतिक्रमण हटाने की आड़ में बिना किसी उचित कानूनी प्रक्रिया (Proper Notice) और मानवीय संवेदना के सीधे लोगों के आशियानों पर बुलडोजर चलाए जा रहे हैं, जो पूरी तरह से अन्यायपूर्ण है।
गरीबों को निशाना बनाने का आरोप: उन्होंने स्पष्ट कहा कि इस तरह की कार्रवाइयों में अक्सर गरीब और कमजोर तबके के लोगों को निशाना बनाया जाता है, जिनकी सुनने वाला सिस्टम में कोई नहीं है।
"विधानसभा से लेकर सड़क तक होगा संघर्ष"
विधायक रविंद्र भाटी ने सत्ता पक्ष को खुली चेतावनी देते हुए अपने इरादे साफ कर दिए हैं। उन्होंने बेहद सख्त लहजे में कहा:
"हम अपनी जनता के साथ हो रहे इस अन्याय को मूकदर्शक बनकर नहीं देख सकते। अगर प्रशासन ने अपना यह तानाशाही रवैया नहीं बदला, तो हमारी लड़ाई केवल बयानों तक सीमित नहीं रहेगी। हम आम आदमी के अधिकारों की रक्षा के लिए विधानसभा के पटल से लेकर सड़कों तक आर-पार की लड़ाई लड़ेंगे।"
सरकार की कार्यप्रणाली पर उठ रहे सवाल
रविंद्र भाटी के इस आक्रामक बयान के बाद राजस्थान के राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है।
बुलडोजर संस्कृति पर बहस: भाटी का यह बयान ऐसे समय में आया है जब पूरे देश और प्रदेश में 'बुलडोजर जस्टिस' की कानूनी और नैतिक वैधता पर लगातार बहस चल रही है।
विपक्ष को मिला बल: भाटी के इस मुखर विरोध ने उन तमाम विपक्षी आवाजों को भी बल दिया है, जो लंबे समय से इस तरह की एकतरफा प्रशासनिक कार्रवाइयों का विरोध कर रहे हैं।
अब देखना यह है कि युवा विधायक की इस कड़ी चेतावनी और सड़क पर उतरने के ऐलान के बाद राज्य सरकार और प्रशासन अपने एक्शन प्लान में कोई बदलाव करता है या यह सियासी टकराव आने वाले दिनों में और भी उग्र रूप लेगा।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Angry
0
Sad
0
Wow
0