Rajasthan News: करोड़पति भाजपा नेता सतीश पूनिया के पास खुद की कार तक नहीं, सिर्फ एक टू-व्हीलर के हैं मालिक; पत्नी के पास है स्कोडा, जानें कुल संपत्ति
राज्यसभा चुनाव 2026 के लिए नामांकन दाखिल करने के साथ ही भाजपा उम्मीदवार डॉ. सतीश पूनिया की संपत्ति का ब्योरा सामने आ गया है। हलफनामे (Affidavit) के अनुसार, करोड़पति होने के बावजूद पूनिया के नाम पर कोई कार नहीं है, उनके पास केवल एक टू-व्हीलर (स्कूटर/बाइक) है।
जयपुर। राजस्थान से राज्यसभा चुनाव 2026 के लिए भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उम्मीदवार डॉ. सतीश पूनिया ने विधानसभा में अपना नामांकन दाखिल कर दिया है। नामांकन के दौरान रिटर्निंग ऑफिसर के समक्ष पेश किए गए शपथ पत्र (Affidavit) में उनकी कुल संपत्ति और वाहनों का बेहद दिलचस्प ब्योरा सामने आया है। हलफनामे के मुताबिक, करोड़ों की संपत्ति के मालिक होने के बावजूद डॉ. सतीश पूनिया के पास खुद की कोई कार नहीं है।
खुद के पास सिर्फ टू-व्हीलर, पत्नी चलाती हैं स्कोडा
शपथ पत्र में दिए गए वाहनों के विवरण के अनुसार, भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सतीश पूनिया के नाम पर केवल एक दोपहिया वाहन (To-wheeler) रजिस्टर्ड है। इसके विपरीत, उनकी पत्नी लग्जरी कार की मालकिन हैं। पूनिया की पत्नी के नाम पर एक 'स्कोडा' (Skoda) कार है, जिसका इस्तेमाल परिवार द्वारा किया जाता है। दिग्गज नेताओं की जीवनशैली और उनके काफिलों को देखते हुए सतीश पूनिया का यह हलफनामा राजनीतिक गलियारों और सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है।
करोड़ों में है पूनिया परिवार की कुल संपत्ति
हलफनामे के अनुसार, डॉ. सतीश पूनिया और उनका परिवार करोड़पति है। उनकी कुल संपत्ति (Net Worth) में चल और अचल दोनों संपत्तियां शामिल हैं:
चल संपत्ति: पूनिया और उनकी पत्नी के बैंक खातों में जमा राशि, फिक्स्ड डिपॉजिट (FD), शेयर और आभूषणों (गोल्ड-सिल्वर) की कीमत करोड़ों में है।
अचल संपत्ति: जयपुर और उनके पैतृक निवास (चूरू) सहित अन्य स्थानों पर कृषि भूमि, आवासीय भूखंड (Plots) और मकान शामिल हैं, जिनकी बाजार में मौजूदा कीमत काफी अधिक है।
संगठनात्मक निष्ठा का मिला इनाम
गौरतलब है कि डॉ. सतीश पूनिया लंबे समय से राजस्थान भाजपा का एक मजबूत जाट चेहरा रहे हैं। साल 1989 में राजस्थान विश्वविद्यालय के छात्रसंघ अध्यक्ष रहने से लेकर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और हाल ही में हरियाणा चुनाव के प्रभारी के रूप में उन्होंने बेहतरीन संगठनात्मक क्षमता दिखाई है। पार्टी ने इसी जमीनी सक्रियता और सामाजिक समीकरणों को ध्यान में रखते हुए उन्हें राज्यसभा भेजने का फैसला किया है।
8 जून को नामांकन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब 18 जून को होने वाले मतदान में संख्या बल के हिसाब से सतीश पूनिया की जीत पूरी तरह तय मानी जा रही है। इस घोषणा और संपत्ति के खुलासे के बाद समर्थकों में खासा उत्साह देखा जा रहा है।
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