Rajasthan Name: 'मैं पहले एक किसान हूं, सभी नियमों का पालन किया': 99 लाख की कृषि सब्सिडी विवाद पर केंद्रीय मंत्री भागीरथ चौधरी ने दी सफाई
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी ने खुद को 99 लाख रुपये की कृषि सब्सिडी मिलने पर उठे राजनीतिक विवाद पर अपनी स्थिति स्पष्ट की है।
नई दिल्ली। केंद्र सरकार में कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री और राजस्थान के अजमेर से सांसद भागीरथ चौधरी इन दिनों 99 लाख रुपये की भारी-भरकम कृषि सब्सिडी प्राप्त करने को लेकर विवादों के घेरे में हैं। इस मामले के तूल पकड़ने और विपक्ष द्वारा सवाल उठाए जाने के बाद अब खुद केंद्रीय मंत्री ने सामने आकर अपनी सफाई पेश की है।
भागीरथ चौधरी ने अपने ऊपर लगे पद के दुरुपयोग के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए स्पष्ट किया है कि उन्होंने एक आम नागरिक और किसान की हैसियत से नियमों के तहत यह सब्सिडी प्राप्त की है।
केंद्रीय मंत्री की सफाई: 'मैंने कोई नियम नहीं तोड़ा'
NDTV इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, इस पूरे विवाद पर अपना रुख साफ करते हुए भागीरथ चौधरी ने कहा:
"मैं पहले एक किसान हूं:" चौधरी ने जोर देकर कहा कि मंत्री या सांसद बनने से पहले उनका मूल पेशा कृषि ही रहा है और वे एक किसान परिवार से आते हैं।
पारदर्शी प्रक्रिया का पालन: उन्होंने स्पष्ट किया कि इस सब्सिडी के लिए उन्होंने किसी विशेष अधिकार (VVIP Treatment) का इस्तेमाल नहीं किया। उन्होंने आम किसानों की तरह ही निर्धारित सरकारी पोर्टल पर आवेदन किया था और पूरी तरह से कानूनी और पारदर्शी प्रक्रिया से गुजरने के बाद ही यह राशि स्वीकृत हुई है।
योजनाओं का लाभ सबका अधिकार: उनका तर्क है कि यदि कोई व्यक्ति किसान है और वह कृषि से जुड़ी किसी सरकारी योजना के सभी मापदंडों को पूरा करता है, तो उसे सिर्फ इसलिए वंचित नहीं किया जा सकता क्योंकि वह एक राजनीतिक पद पर है।
क्या है पूरा विवाद?
दरअसल, यह विवाद तब शुरू हुआ जब यह जानकारी सार्वजनिक हुई कि केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी के नाम पर कृषि से जुड़ी एक बड़ी परियोजना के लिए 99 लाख रुपये की सरकारी सब्सिडी जारी की गई है।
विपक्ष का आरोप: इस खबर के बाहर आते ही विपक्षी दलों (विशेषकर कांग्रेस) ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि एक तरफ देश का आम और गरीब किसान छोटी-छोटी सब्सिडी और कर्ज माफी के लिए दफ्तरों के धक्के खा रहा है, वहीं दूसरी तरफ खुद कृषि मंत्री अपने रसूख का इस्तेमाल कर लाखों रुपये की सब्सिडी ले रहे हैं। विपक्ष ने इसे नैतिक रूप से गलत बताया।
सियासी हलकों में चर्चा तेज
भागीरथ चौधरी की इस सफाई के बावजूद राजस्थान और राष्ट्रीय राजनीति में यह मुद्दा गरमाया हुआ है। जहां भाजपा नेता इसे नियमों के तहत उठाया गया लाभ बताकर मंत्री का बचाव कर रहे हैं, वहीं विपक्ष इसे एक बड़ा मुद्दा बनाकर आम किसानों के बीच सरकार की छवि को 'किसान विरोधी' और 'पूंजीपति समर्थक' साबित करने की कोशिश में जुटा है।
अब देखना यह होगा कि मंत्री की इस स्पष्टीकरण के बाद यह विवाद शांत होता है, या आगामी दिनों में विपक्ष इसे संसद और सड़क पर एक बड़े राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल करता है।
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