Rajasthan News: 'गहलोत तो खुद इस विवाद के अपराधी हैं': पांचना बांध मामले पर बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ का तीखा हमला, गरमाई सियासत
करौली के पांचना बांध जल विवाद ने अब एक बड़े राजनीतिक टकराव का रूप ले लिया है। राजस्थान बीजेपी के प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने इस पूरे मामले को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर सीधा और बेहद तीखा हमला बोला है।
जयपुर। पूर्वी राजस्थान के करौली जिले में सुलग रहा पांचना बांध विवाद (Panchna Dam Dispute) अब केवल दो समुदायों (गुर्जर बनाम मीणा) या किसानों की लड़ाई नहीं रह गया है, बल्कि यह भाजपा और कांग्रेस के बीच सीधे राजनीतिक टकराव का केंद्र बन चुका है। हाल ही में राजस्थान भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने इस विवाद को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर जोरदार सियासी हमला किया है।
मदन राठौड़ ने बेहद सख्त लहजे में गहलोत को इस पूरे जल संकट और सामाजिक टकराव के लिए सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराते हुए उन्हें 'अपराधी' तक कह दिया है।
राठौड़ का गहलोत पर सीधा प्रहार
मीडिया से बातचीत के दौरान पांचना बांध के कमांड (35 गांव) और अनकमांड (39 गांव) क्षेत्र के किसानों के बीच चल रहे गतिरोध पर जब मदन राठौड़ से सवाल पूछा गया, तो उन्होंने कांग्रेस और विशेषकर अशोक गहलोत को आड़े हाथों लिया।
क्या बोले मदन राठौड़?
"पांचना बांध को लेकर आज जो स्थिति बनी है, उसके लिए कोई और नहीं बल्कि पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत खुद जिम्मेदार हैं। वे इस मामले में अपराधी हैं। उनके शासनकाल में केवल वोट बैंक और तुष्टीकरण की राजनीति की गई। अगर वे चाहते तो अपने मुख्यमंत्री काल में दोनों पक्षों को बिठाकर इस 20 साल पुराने विवाद का स्थायी समाधान निकाल सकते थे, लेकिन उन्होंने जानबूझकर मामले को उलझाए रखा ताकि राजनीतिक रोटियां सेंकी जा सकें।"
विवाद को लेकर भाजपा का रुख
मदन राठौड़ के इस बयान से यह स्पष्ट हो गया है कि भाजपा इस संवेदनशील मुद्दे का ठीकरा पूरी तरह से पिछली कांग्रेस सरकार पर फोड़ना चाहती है। राठौड़ ने कहा कि भजनलाल शर्मा के नेतृत्व वाली मौजूदा राज्य सरकार कोर्ट के आदेशों का सम्मान करते हुए इस पूरे विवाद को सुलझाने और सभी किसानों को उनका हक दिलाने के लिए गंभीरता से काम कर रही है।
सियासी गलियारों में बयान के मायने
पूर्वी राजस्थान में पांचना बांध का मुद्दा बेहद संवेदनशील है, जो सीधे तौर पर गुर्जर और मीणा समुदायों से जुड़ा है:
डैमेज कंट्रोल की कोशिश: भाजपा प्रदेशाध्यक्ष का यह बयान ऐसे समय में आया है जब बांध पर 39 गांवों (गुर्जर बाहुल्य) के लोगों ने भारी विरोध प्रदर्शन कर रखा है। भाजपा इस बयान के जरिए यह संदेश देना चाहती है कि यह समस्या कांग्रेस की देन है।
गहलोत और कांग्रेस पर दबाव: इस बयान ने कांग्रेस को भी बैकफुट पर धकेलने की कोशिश की है। अब कांग्रेस और गहलोत खेमे को इस आरोप का बचाव करना होगा कि उन्होंने सत्ता में रहते हुए इस जल विवाद को क्यों नहीं सुलझाया।
हाईकोर्ट के आदेश के बाद जहां प्रशासन नहरों में पानी छोड़ने के लिए संघर्ष कर रहा है, वहीं मदन राठौड़ के 'गहलोत तो खुद अपराधी हैं' वाले इस तीखे बयान ने आग में घी का काम किया है। अब देखना यह है कि अशोक गहलोत और कांग्रेस पार्टी इस गंभीर आरोप का क्या राजनीतिक जवाब देती है।
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