Rajasthan News: डोटासरा पर व्यक्तिगत और ओछी बयानबाजी, किरोड़ी को बताया 'सोने जैसा खरा'; शिक्षा मंत्री के पद को नहीं देता शोभा

राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर अपनी अमर्यादित और ओछी बयानबाजी से बाज नहीं आ रहे हैं। जयपुर लाइव अपडेट्स के अनुसार, उन्होंने एक बार फिर राजनीतिक शिष्टाचार को ताक पर रखकर कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा पर बेहद स्तरहीन व्यक्तिगत हमला बोला है, जबकि दूसरी ओर अपनी ही सरकार के मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा के पक्ष में कसीदे पढ़ते हुए उन्हें 'सोने की तरह खरा' बताया है।

Jun 26, 2026 - 15:59
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Rajasthan News: डोटासरा पर व्यक्तिगत और ओछी बयानबाजी, किरोड़ी को बताया 'सोने जैसा खरा'; शिक्षा मंत्री के पद को नहीं देता शोभा
Education minister Madan Dilawar and PCC President Govind Singh Dotasara

जयपुर। राजस्थान की राजनीति में भाषा के स्तर को गिराने और लोकतांत्रिक मर्यादाओं को तार-तार करने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। खुद को सुर्खियों में बनाए रखने और विपक्ष के प्रति अपनी व्यक्तिगत खुन्नस निकालने के लिए सूबे के शिक्षा और पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर एक बार फिर बेहद ओछी और हल्की बयानबाजी पर उतर आए हैं।

जयपुर में मीडिया से बातचीत के दौरान दिलावर ने जहां एक तरफ कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के खिलाफ अपशब्दों और अमर्यादित भाषा की झड़ी लगा दी, वहीं दूसरी ओर हालिया 'चिट्ठी बम' विवाद के बीच कैबिनेट मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा का बचाव करते हुए उन्हें '24 कैरेट सोने की तरह खरा' करार दिया। एक जिम्मेदार संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति की यह चश्मा पहनकर की गई राजनीति और दोहरी भाषा बेहद निंदनीय है।

नीतिगत विरोध छोड़, व्यक्तिगत गाली-गलौज पर उतरे मंत्री

लोकतंत्र में विपक्ष की नीतियों और उसके काम करने के तरीकों की आलोचना करना सत्ता पक्ष का अधिकार है, लेकिन मदन दिलावर इस मर्यादा को पूरी तरह भूल चुके हैं। डोटासरा को राजनीतिक रूप से घेरने में नाकाम रहने पर वे बार-बार व्यक्तिगत छींटाकशी और ओछे शब्दों का सहारा ले रहे हैं।

प्रदेश के लाखों नौजवानों और स्कूली बच्चों को नैतिकता और अच्छे आचरण का पाठ पढ़ाने वाले शिक्षा मंत्री के अपने मुंह से जब इस तरह के स्तरहीन और अमर्यादित बोल निकलते हैं, तो पूरे शिक्षा विभाग का सिर शर्म से झुक जाता है।

अपनी सरकार के मंत्रियों पर मेहरबान, विपक्ष पर जहर

दिलावर का यह बयान उनकी राजनीतिक हताशा और पक्षपात को साफ उजागर करता है:

किरोड़ी लाल का अंधसमर्थन: हाल ही में आरएस परीक्षा में धांधली को लेकर किरोड़ी लाल मीणा द्वारा लिखे गए पत्र और उससे उपजे विवाद पर दिलावर ने उन्हें सीधे क्लीन चिट देते हुए 'सोने जैसा खरा' बता दिया।

डोटासरा पर ओछा वार: वहीं दूसरी तरफ, इसी मुद्दे पर विपक्ष के तीखे सवालों का तार्किक जवाब देने के बजाय दिलावर ने डोटासरा पर स्तरहीन जुबानी हमला बोल दिया।

क्या एक शिक्षा मंत्री की भाषा ऐसी होनी चाहिए?

मदन दिलावर के इस आचरण पर अब गंभीर सामाजिक और राजनीतिक सवाल खड़े हो रहे हैं।

क्या राजस्थान के शिक्षा मंत्री के पास अपने विभाग को सुधारने, शिक्षकों की समस्याओं को हल करने या पेपर लीक मुक्त व्यवस्था बनाने का कोई विजन नहीं है, जो वे सुबह-शाम सिर्फ विपक्ष को गाली देने के काम में जुटे रहते हैं?

संवैधानिक पद की एक निश्चित गरिमा और शिष्टाचार होता है। जब मंत्री खुद सड़क-छाप भाषा का इस्तेमाल करेंगे, तो वे प्रदेश के सरकारी और निजी स्कूलों में पढ़ रहे बच्चों को क्या संस्कार देंगे?

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मदन दिलावर की यह ओछी हरकत और दोहरे मापदंड वाली भाषा उनके कद को और छोटा करती है। मुख्यमंत्री और सरकार के शीर्ष नेतृत्व को चाहिए कि वे अपने मंत्रियों को वाणी पर संयम रखने और पद की गरिमा के अनुकूल व्यवहार करने की सख्त हिदायत दें, क्योंकि ऐसी हल्की बयानबाजी से प्रदेश की छवि पूरे देश में धूमिल होती है।

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