Rajasthan News: RU में RSS के कार्यक्रम पर बवाल तय, NSUI ने दी विरोध की चेतावनी; विनोद जाखड़ बोले- 'शिक्षा का मंदिर वैचारिक प्रयोगशाला नहीं'

राजस्थान यूनिवर्सिटी (RU) में 3 अप्रैल को प्रस्तावित RSS के कार्यक्रम को लेकर भारी बवाल के आसार हैं। कांग्रेस के छात्र संगठन NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने इस कार्यक्रम का कड़ा विरोध करते हुए प्रशासन से अनुमति न देने की मांग की है। जाखड़ ने कहा कि शिक्षा का मंदिर शोध और वैज्ञानिक सोच के लिए है, इसे किसी विशेष विचारधारा की 'प्रयोगशाला' नहीं बनने दिया जाएगा।

Apr 2, 2026 - 23:53
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Rajasthan News: RU में RSS के कार्यक्रम पर बवाल तय, NSUI ने दी विरोध की चेतावनी; विनोद जाखड़ बोले- 'शिक्षा का मंदिर वैचारिक प्रयोगशाला नहीं'
NSUI President Vinod Jakhar

जयपुर। राजस्थान यूनिवर्सिटी (Rajasthan University - RU) कैंपस एक बार फिर छात्र राजनीति और वैचारिक टकराव का बड़ा अखाड़ा बनने जा रहा है। यूनिवर्सिटी परिसर में 3 अप्रैल को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) का एक कार्यक्रम प्रस्तावित है, जिसे लेकर कांग्रेस के छात्र संगठन भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) ने तीखे विरोध का ऐलान कर दिया है। NSUI की इस चेतावनी के बाद कैंपस में भारी बवाल होने के आसार बन गए हैं।

NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ (Vinod Jakhar) ने इस मुद्दे पर कड़ा एतराज जताते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन से इस कार्यक्रम की अनुमति तुरंत रद्द करने की मांग की है। जाखड़ ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि राजस्थान विश्वविद्यालय जैसे उच्च शिक्षा के प्रतिष्ठित संस्थान को किसी विशेष विचारधारा के प्रचार-प्रसार का मंच नहीं बनने दिया जाएगा।

'शिक्षा के मंदिरों को राजनीतिक एजेंडों से दूर रखें'

विनोद जाखड़ ने कहा, "विश्वविद्यालय शिक्षा, शोध, वैज्ञानिक सोच और लोकतांत्रिक मूल्यों के विकास का केंद्र होते हैं। इन्हें राजनीतिक और वैचारिक एजेंडों से दूर रखना अत्यंत आवश्यक है। अगर RSS जैसे संकीर्ण वैचारिक संगठन के कार्यक्रमों को कैंपस में बढ़ावा दिया जाता है, तो यह न केवल शैक्षणिक वातावरण को दूषित करेगा, बल्कि शिक्षा की गरिमा पर भी बड़ा आघात होगा।"

शस्त्र पूजा का भी हुआ था विरोध

जाखड़ ने याद दिलाया कि इससे पहले भी NSUI राजस्थान ने विश्वविद्यालय परिसर में RSS द्वारा आयोजित 'शस्त्र पूजा' कार्यक्रम का प्रखर विरोध किया था। उनका मानना है कि ऐसी गतिविधियां छात्रों के बीच वैचारिक विभाजन पैदा करती हैं। NSUI ने साफ कर दिया है कि वे शिक्षा के मंदिर को किसी भी सूरत में 'वैचारिक प्रयोगशाला' नहीं बनने देंगे और छात्रों के हित में हर स्तर पर सड़क पर उतरकर संघर्ष करेंगे।

इस घटनाक्रम के बाद पुलिस और विश्वविद्यालय प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट मोड पर आ गए हैं, क्योंकि 3 अप्रैल को कैंपस में दोनों छात्र गुटों और संगठनों के बीच आमने-सामने का टकराव हो सकता है।

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