Rajasthan News: राजस्थान में 'दलित' शब्द के इस्तेमाल पर पूरी तरह रोक: सरकारी रिकॉर्ड और पुलिस डायरी से बाहर हुआ शब्द, अब लिखना होगा यह नाम

राजस्थान सरकार ने एक बड़ा प्रशासनिक फैसला लेते हुए सरकारी दस्तावेजों, आदेशों और पुलिस रिकॉर्ड में 'दलित' (Dalit) शब्द के इस्तेमाल पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है।

Jul 10, 2026 - 19:01
 0
Rajasthan News: राजस्थान में 'दलित' शब्द के इस्तेमाल पर पूरी तरह रोक: सरकारी रिकॉर्ड और पुलिस डायरी से बाहर हुआ शब्द, अब लिखना होगा यह नाम
CM Bhajanlal Sharma

जयपुर। राजस्थान की भजनलाल शर्मा सरकार ने प्रशासनिक और संवैधानिक शब्दावली को दुरुस्त करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। प्रदेश में अब किसी भी सरकारी दस्तावेज, पुलिस एफआईआर (FIR), केस डायरी या आधिकारिक संवाद में 'दलित' शब्द का इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा। सरकार ने इस शब्द के प्रयोग को पूरी तरह से प्रतिबंधित करते हुए इसकी जगह संवैधानिक शब्द के इस्तेमाल के कड़े निर्देश जारी किए हैं।

हाईकोर्ट के निर्देशों के बाद पुलिस मुख्यालय का एक्शन

यह प्रशासनिक आदेश न्यायपालिका के पुराने रुख और सामाजिक न्याय मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के क्रम में जारी किया गया है।

अधिसूचना जारी: राजस्थान पुलिस मुख्यालय (PHQ) और गृह विभाग की ओर से सभी जिला कलेक्टरों, पुलिस अधीक्षकों (SPs) और थानाधिकारियों को इस संबंध में लिखित गाइडलाइन भेज दी गई है।

अधिकारियों को हिदायत: आदेश में साफ कहा गया है कि भविष्य में किसी भी प्रशासनिक या कानूनी कार्रवाई के दौरान 'दलित' शब्द का उल्लेख फाइलों में न किया जाए। अगर कोई अधिकारी या कर्मचारी ऐसा करता पाया गया, तो इसे सेवा नियमों का उल्लंघन माना जाएगा।

अब 'दलित' की जगह क्या लिखा जाएगा?

सरकार के नए आदेश के मुताबिक, अब सरकारी कामकाज में केवल और केवल संवैधानिक रूप से परिभाषित शब्दों का ही चयन किया जाएगा:

संवैधानिक शब्दावली: आधिकारिक रिकॉर्ड में अब 'दलित' शब्द के स्थान पर भारत के संविधान के अनुच्छेद 341 के तहत आने वाली जातियों के लिए 'अनुसूचित जाति' (Scheduled Caste) या अंग्रेजी में 'SC' शब्द का ही प्रयोग किया जाएगा।

जाति सूचक शब्दों से परहेज: पुलिस मामलों और राजस्व रिकॉर्ड में भी किसी व्यक्ति की सामाजिक पहचान को स्पष्ट करने के लिए श्रेणी के रूप में इसी शब्द को मान्यता दी जाएगी, ताकि कानूनी प्रक्रियाओं में किसी भी प्रकार की असंवैधानिक अनौपचारिकता से बचा जा सके।

क्यों लिया गया यह फैसला? कानूनी जानकारों के मुताबिक, 'दलित' शब्द का भारतीय संविधान या किसी भी मूल कानूनी दस्तावेज में कोई उल्लेख नहीं है। अदालतों ने भी पूर्व में कई बार यह टिप्पणी की है कि आधिकारिक पत्राचार में केवल उन्हीं शब्दों का इस्तेमाल होना चाहिए जो संवैधानिक रूप से मान्यता प्राप्त हैं। इसी के मद्देनजर प्रशासनिक पारदर्शिता और कानूनी सटीकता बनाए रखने के लिए यह बड़ा बदलाव किया गया है।

इस आदेश के लागू होने के बाद अब राजस्थान के सभी सरकारी विभागों, विशेषकर राजस्व और पुलिस महकमे को अपनी पुरानी फाइलों और वर्तमान केस डायरियों में इस नए नियम की कड़ाई से पालना करनी होगी।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0