Rajasthan News: किरोड़ी लाल मीणा का फिर 'लेटर बम': पेपर लीक मामले पर अपनी ही सरकार को घेरा, सलमान खुर्शीद का जिक्र कर मचाई सियासी खलबली
राजस्थान भाजपा के सीनियर नेता डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने एक बार फिर अपनी ही सरकार के सामने 'लेटर बम' फोड़कर सियासी पारा गर्मा दिया है।
जयपुर। राजस्थान की राजनीति में अपनी बेबाकी और 'लेटर बम' के लिए मशहूर कैबिनेट मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा (Kirodi Lal Meena) एक बार फिर सुर्खियों में हैं। सरकारी महकमों में अधिकारियों के निलंबन और अपने इस्तीफे के वादे को लेकर चल रही सियासी खींचतान के बीच किरोड़ी लाल ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को एक पत्र लिखा है। इस पत्र ने राजस्थान के न्यूजरूम्स और राजनीतिक गलियारों में खलबली मचा दी है।
डॉ. मीणा ने एक बार फिर प्रदेश के सबसे संवेदनशील मुद्दे—पेपर लीक (Paper Leak Case) को लेकर अपनी ही सरकार को कटघरे में खड़ा किया है।
पत्र में क्या है और क्यों खड़े किए सरकार पर सवाल?
किरोड़ी लाल मीणा ने अपने पत्र में पिछली कांग्रेस सरकार के कार्यकाल के दौरान हुई शिक्षक भर्ती परीक्षाओं (Teacher Recruitment Exam) में हुई धांधली का मुद्दा उठाया है।
अपराधियों को संरक्षण का आरोप: उन्होंने पत्र में लिखा है कि पेपर लीक के मुख्य आरोपियों और मास्टरमाइंड्स के खिलाफ जिस तरह की कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए थी, उसमें ढिलाई बरती जा रही है।
युवाओं के साथ न्याय की मांग: उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की है कि इस पूरे नेक्सस (Nexus) को तोड़ा जाए और जांच को अंजाम तक पहुंचाया जाए, ताकि प्रदेश के लाखों बेरोजगार युवाओं को न्याय मिल सके।
क्यों किया कांग्रेस नेता 'सलमान खुर्शीद' का जिक्र?
इस पत्र का सबसे चौंकाने वाला और सियासी रूप से गर्म हिस्सा वह था, जहां किरोड़ी लाल मीणा ने वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद (Salman Khurshid) का नाम घसीटा।
महंगे वकीलों का खेल: किरोड़ी लाल ने आरोप लगाया कि जब पेपर लीक के आरोपियों पर शिकंजा कसने की बात आती है, तो बड़े-बड़े रसूखदार लोग और कांग्रेस से जुड़े दिग्गज कानूनी दांव-पेंच के जरिए उन्हें बचाने के लिए मैदान में उतर आते हैं।
आरोपियों की पैरवी का दावा: उन्होंने दावा किया कि पेपर लीक के कुछ बड़े आरोपियों की अदालत में पैरवी करने के लिए सलमान खुर्शीद जैसे देश के महंगे और नामचीन वकीलों को खड़ा किया गया था। डॉ. मीणा ने सवाल उठाया कि आखिर इन आरोपियों के पास देश के इतने बड़े वकीलों की फीस देने के लिए करोड़ों रुपये कहाँ से आ रहे हैं? जाहिर है कि इसके पीछे कोई बहुत बड़ा सिंडिकेट काम कर रहा है।
अपनी ही सरकार के लिए बनी असहज स्थिति
भजनलाल सरकार के सत्ता में आने के बाद 'एसओजी' (SOG) ने पेपर लीक माफियाओं पर ताबड़तोड़ कार्रवाई की है, लेकिन किरोड़ी लाल मीणा के इस पत्र ने यह साफ कर दिया है कि वे अभी भी की गई जांच और कार्रवाई की रफ्तार से पूरी तरह संतुष्ट नहीं हैं।
विपक्ष (Congress) जहां पहले से ही कृषि विभाग के अधिकारियों के सस्पेंशन के बाद किरोड़ी लाल के 'इस्तीफे वाले वादे' को लेकर उन पर हमलावर है, वहीं अब इस 'लेटर बम' ने भाजपा के भीतर और बाहर एक नई बहस छेड़ दी है। अब देखना यह है कि मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) इस पत्र का संज्ञान लेकर जांच की दिशा में क्या नया कदम उठाता है।
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