Rajasthan News: 'मोदी सु कुन झगड़ो करे...', वसुंधरा राजे के दर्द पर BJP प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ का राजस्थानी कहावत से करारा तंज
राजस्थान BJP प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने पूर्व सीएम वसुंधरा राजे के 'खुद को नहीं बचा पाई' वाले बयान पर राजस्थानी कहावत के जरिए बड़ा तंज कसा है। राठौड़ ने कहा- "मोदी सु कुन झगड़ो करे..." जिसका अर्थ है कि जो हमें अनाज देता है, उससे झगड़ा नहीं करना चाहिए। इसके साथ ही राठौड़ ने उदयपुर गुटबाजी पर कहा कि गुलाब चंद कटारिया 'महामहिम' हैं, उन पर कुछ नहीं कह सकते, और जल्द ही बाकी राजनीतिक नियुक्तियां की जाएंगी।
बीकानेर। राजस्थान भारतीय जनता पार्टी (BJP) में अंदरूनी बयानबाजी का दौर तेज होता जा रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे (Vasundhara Raje) के हालिया भावुक बयानों पर अब भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ (Madan Rathore) ने बीकानेर दौरे के दौरान एक मारवाड़ी कहावत के जरिए करारा तंज कसा है। इसके साथ ही राठौड़ ने पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया और विपक्ष पर भी जमकर निशाना साधा।
'चिट्ठी चूर-चूर करे... मोदी सु कुन झगड़ो करे'
दरअसल, 6 अप्रैल को झालावाड़ में वसुंधरा राजे ने मुस्कुराते हुए अपना दर्द बयां करते हुए कहा था, "मैं खुद को ही नहीं बचा पाई तो तुम्हारे लिए क्या कर सकती हूं।" शनिवार को बीकानेर में जब मदन राठौड़ से इस बयान पर प्रतिक्रिया मांगी गई, तो उन्होंने ठेठ राजस्थानी अंदाज में एक कहावत सुनाई: "चिट्ठी चूर-चूर करे, मांगे डाल और घी, मोदी सु कुन झगड़ो करे, चिट्ठी खानी नाल।" राजनीतिक हलकों में इसे राजे के लिए एक सीधा और कड़ा संदेश माना जा रहा है।
इस मारवाड़ी कहावत का क्या है अर्थ?
राजस्थान के लोकजीवन में इस कहावत का बड़ा गहरा अर्थ है। यहां 'चिट्ठी' का मतलब सूखी रोटी से है और 'मोदी' का मतलब अनाज बेचने वाले दुकानदार (लाला) से है। कहावत का अर्थ है कि जो सूखी रोटी मिली है, उसी में दाल-घी डालकर उसका आनंद लेना चाहिए। जो व्यक्ति हमें अनाज देता है (जिससे घर चलता है), उससे भला कौन झगड़ा मोल लेगा? अगर 'मोदी' (दुकानदार) से झगड़ा कर लिया तो फिर रोटी किसके साथ खाएंगे?
कटारिया पर बोले- 'वो महामहिम हैं'
उदयपुर में चल रही गुटबाजी और राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया (Gulab Chand Kataria) के खिलाफ राष्ट्रपति को लिखी गई चिट्ठी के विवाद पर राठौड़ ने सधी हुई प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, "कटारिया जी महामहिम हैं, उनके बारे में हम कुछ नहीं बोल सकते। जहां तक कार्यकर्ताओं की नाराजगी की बात है, हमने उनसे बात करके मामला सुलझा लिया है।" जल्द होंगी बाकी राजनीतिक नियुक्तियां
विपक्ष पर हमला बोलते हुए मदन राठौड़ ने कहा कि पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी का जनाधार खिसक चुका है और महिला आरक्षण पर कांग्रेस सिर्फ नाटक कर रही है। वहीं, प्रदेश में अटकी राजनीतिक नियुक्तियों पर कार्यकर्ताओं को खुशखबरी देते हुए उन्होंने बताया कि अरुण चतुर्वेदी की नियुक्ति हो चुकी है और बहुत जल्द प्रदेश में अन्य नियुक्तियों की घोषणा भी कर दी जाएगी।
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