Rajasthan News: राजस्थान यूथ कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए फंसा पेंच, अभिषेक चौधरी और अनिल चोपड़ा में सीधी टक्कर
राजस्थान यूथ कांग्रेस अध्यक्ष पद के चुनाव में अब सीधा मुकाबला अभिषेक चौधरी (गहलोत-डोटासरा गुट) और अनिल चोपड़ा (सचिन पायलट गुट) के बीच है। दोनों युवा नेता छात्र राजनीति से आए हैं। ब्लॉक जुड़वाने में अभिषेक आगे हैं, जबकि पायलट गुट के दबदबे से अनिल चोपड़ा को मजबूत माना जा रहा है। वोटिंग के बाद टॉप-3 प्रत्याशियों का दिल्ली में इंटरव्यू होगा, जिसके बाद ही फाइनल नाम का ऐलान होगा।
जयपुर। राजस्थान यूथ कांग्रेस (Rajasthan Youth Congress) के प्रदेश अध्यक्ष पद को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब अध्यक्ष पद की रेस में 22 उम्मीदवारों में से मुख्य मुकाबला केवल दो बड़े युवा चेहरों— अभिषेक चौधरी (Abhishek Chaudhary) और अनिल चोपड़ा (Anil Chopra) के बीच सिमट कर रह गया है।
मुकुल खींचड़ के नामांकन न भरने से यह मुकाबला और भी ज्यादा दिलचस्प और सीधा हो गया है। दोनों ही प्रत्याशी छात्र राजनीति (NSUI) से निकले हैं और हालिया चुनावों में अपनी मजबूत दावेदारी पेश कर चुके हैं।
छात्र राजनीति से लेकर लोकसभा-विधानसभा तक का सफर
अभिषेक चौधरी और अनिल चोपड़ा दोनों के पास चुनावी मैदान का अच्छा अनुभव है:
अनिल चोपड़ा: 2014 में राजस्थान विश्वविद्यालय के छात्रसंघ अध्यक्ष रहे और बाद में NSUI के राष्ट्रीय सचिव बने। 2024 के लोकसभा चुनाव में जयपुर ग्रामीण सीट से इन्होंने जोरदार टक्कर दी थी और केवल 1615 वोटों के मामूली अंतर से हार का सामना किया था।
अभिषेक चौधरी: 2012 में लॉ कॉलेज छात्रसंघ अध्यक्ष बने और 2020 में NSUI राजस्थान के प्रदेश अध्यक्ष रहे। 2023 के विधानसभा चुनाव में झोटवाड़ा सीट से भाजपा के कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ के खिलाफ लड़ते हुए इन्होंने 96,055 वोट हासिल किए थे।
गहलोत-डोटासरा बनाम सचिन पायलट गुट!
यूथ कांग्रेस के इस चुनाव में कांग्रेस की चिर-परिचित गुटबाजी का भी सीधा असर देखने को मिल रहा है। राजनीतिक हलकों में अभिषेक चौधरी को पूर्व सीएम अशोक गहलोत और पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा खेमे का करीबी माना जाता है। वहीं, अनिल चोपड़ा सचिन पायलट (Sachin Pilot) गुट के मजबूत सिपहसालार हैं।
जानकारों का मानना है कि यूथ कांग्रेस में पारंपरिक रूप से पायलट गुट का दबदबा रहा है, इसलिए अनिल चोपड़ा को थोड़ी बढ़त मिल सकती है। हालांकि, सदस्यों के ब्लॉक जुड़वाने में अभिषेक चौधरी आगे चल रहे हैं (उन्होंने 500 से ज्यादा ब्लॉक जुड़वाए हैं, जबकि अनिल चोपड़ा ने 350)।
दिल्ली में होगा टॉप-3 का फाइनल इंटरव्यू
राजस्थान यूथ कांग्रेस के सह-प्रभारी कपिल देसाई के मुताबिक, यह चुनावी प्रक्रिया अभी लंबी है। नामांकन जांच के बाद एक महीने का समय सदस्य बनाने और वोटिंग के लिए दिया जाएगा। इसके बाद वोटिंग के आधार पर चुने गए टॉप-3 उम्मीदवारों का दिल्ली आलाकमान द्वारा इंटरव्यू लिया जाएगा और उसके बाद ही नए 'प्रदेश अध्यक्ष' के नाम की फाइनल घोषणा होगी।
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