जेल की बैरक में भी शांत नहीं बैठे सोनम वांगचुक: 6 डिग्री की हाड़ कपाने वाली ठंड में ढूंढ निकाला जुगाड़, बैरक गर्म रखने का बनाया अनोखा डिजाइन

लद्दाख के मशहूर पर्यावरण एक्टिविस्ट और इनोवेटर सोनम वांगचुक को जब जोधपुर जेल में रखा गया, तो वहां भी उनका वैज्ञानिक दिमाग शांत नहीं बैठा।

Jul 17, 2026 - 23:58
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जेल की बैरक में भी शांत नहीं बैठे सोनम वांगचुक: 6 डिग्री की हाड़ कपाने वाली ठंड में ढूंढ निकाला जुगाड़, बैरक गर्म रखने का बनाया अनोखा डिजाइन
Sonam Wangchuk Jodhpur jail

जोधपुर। "आवश्यकता ही आविष्कार की जननी है"—इस कहावत को लद्दाख के प्रसिद्ध शिक्षा सुधारक और रियल लाइफ 'फुंसुक वांगडू' यानी सोनम वांगचुक (Sonam Wangchuk) ने एक बार फिर सच साबित कर दिखाया है। अपने खास विचारों और लद्दाख के अधिकारों की लड़ाई के लिए जेल की सलाखों के पीछे पहुंचे वांगचुक ने साबित कर दिया कि एक वैज्ञानिक और खोजी दिमाग को किसी भी चारदीवारी में कैद नहीं किया जा सकता।

जोधपुर जेल में बिताए समय के दौरान जब कड़ाके की ठंड ने उन्हें परेशान किया, तो उन्होंने वहीं बैठे-बैठे एक नया वैज्ञानिक समाधान खोज निकाला।

6 डिग्री की ठंड और वांगचुक का 'जेल रिसर्च'

मामला उस समय का है जब सोनम वांगचुक को हिरासत के दौरान जोधपुर जेल की एक बैरक में रखा गया था। उस वक्त जोधपुर में जबरदस्त शीतलहर चल रही थी और रात का तापमान गिरकर 6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था।

सीमित संसाधन: जेल की बैरकों में न तो हीटर की सुविधा होती है और न ही ठंड से बचने के कोई आधुनिक इंतजाम।

खोज निकाला रास्ता: हाड़ कपाने वाली इस ठंड से ठिठुरने के बजाय वांगचुक ने बैरक की बनावट, धूप के आने की दिशा और हवा के रुख का बारीकी से अध्ययन करना शुरू कर दिया।

कैसे काम करता है बैरक को गर्म रखने का यह डिजाइन?

सोनम वांगचुक ने जेल के भीतर मौजूद बेहद सीमित संसाधनों और अपनी वैज्ञानिक समझ (Passive Solar Architecture) का उपयोग कर एक स्केच और पूरा डिजाइन तैयार किया:

सौर ऊर्जा का सही इस्तेमाल (Solar Gain): उन्होंने एक ऐसा मॉडल सुझाया जिसके तहत दिनभर बैरक की दीवारों पर पड़ने वाली धूप की गर्मी को सोखकर (Absorb) उसे रात के समय अंदरूनी हिस्से में ट्रांसफर किया जा सके।

इन्सुलेशन तकनीक (Insulation): उन्होंने स्थानीय और सस्ते सामानों (जैसे मिट्टी, भूसा या वेस्ट मटेरियल) का उपयोग कर दीवारों को अंदर से इंसुलेट करने का खाका खींचा, जिससे बाहर की बर्फीली हवा अंदर न आ सके और अंदर की गर्मी बाहर न जाए।

शून्य बिजली खपत: इस पूरे डिजाइन की सबसे खास बात यह है कि इसके लिए किसी भी तरह की हीटिंग मशीन या बिजली की जरूरत नहीं पड़ती। यह पूरी तरह पर्यावरण के अनुकूल और बेहद किफायती है।

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