International Tea Day: अन्तर्राष्ट्रीय चाय दिवस क्यों मनाया जाता है? जानिए क्या हैं चाय पीने के फायदे और नुकसान

International Tea Day: ऐसा कहा जाता है की जब अंग्रेज असम के आदिवासियों के संपर्क में आए तो उन्हें एक ऐसे पेय-पदार्थ के बारे में पता चला जिसे आदिवासी उबाल कर प्रयोग में लाते हैं और यही से विश्वभर में चाय का सफर शुरू हुआ था।

May 21, 2022 - 08:21
May 21, 2022 - 09:52
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International Tea Day: अन्तर्राष्ट्रीय चाय दिवस क्यों मनाया जाता है? जानिए क्या हैं चाय पीने के फायदे और नुकसान
International Tea Day -Photo : Social Media

अंतर्राष्ट्रीय चाय दिवस (International Tea Day) हर साल मई महीने की 21 तारीख को मनाया जाता है और इसका उद्देश्य चाय की सांस्कृतिक विरासत, स्वास्थ्य लाभ और इसके आर्थिक महत्व का जश्न मनाने का एक अवसर प्रदान करना है।

भारत में चाय का प्रचलन

भारत में चाय को प्रचलित करने का श्रेय अंग्रेजो को जाता है। अंग्रेजो ने ही चाय को आदिवासियों के इलाकों से निकालकर भारतीय मध्यवर्ग के घरों तक पहुंचाया।

ऐसा कहा जाता है की जब अंग्रेज असम के आदिवासियों के संपर्क में आए तो उन्हें एक ऐसे पेय-पदार्थ के बारे में पता चला जिसे आदिवासी उबाल कर प्रयोग में लाते हैं और यही से विश्वभर में चाय का सफर शुरू हुआ था। आज भारतीयों के लिए चाय सिर्फ आदत भर नहीं है बल्कि चाय अपने आप में भारतीयों के एक इतिहास को समेटे हुए है।

चाय के फायदे (Benefits of tea):

कई अध्ययनों से पता चला है कि विभिन्न प्रकार की चाय प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करती है, शरीर की सूजन से लड़ने में मदद कर सकती है और यहां तक कि कैंसर और हृदय रोग से भी बचा सकती है। चाय का ही एक प्रकार है ‘ग्रीन टी’ जिसमें फ्लेवोनोइड्स की अत्यधिक मात्रा होती है जो खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करती है और रक्त के थक्के को कम करके हृदय स्वास्थ्य को बढ़ावा देने में मदद करती है। वहीं कुछ अध्ययनों से पता चलता है कि इस प्रकार की चाय निम्न रक्तचाप, ट्राइग्लिसराइड्स और कुल कोलेस्ट्रॉल में भी मदद कर सकती है। साथ ही साथ ग्रीन टी लीवर, स्तन, प्रोस्टेट और कोलोरेक्टल कैंसर से बचाव में भी भूमिका निभाती है।

चाय से होने वाले नुकसान (side effects of tea)

सुबह-सुबह खाली पेट चाय पीने से एसिडिटी की समस्या हो सकती है। इसके अलावा अधिक चाय का असर आंतो पर पड़ता है और यह कब्ज भी पैदा करती है। नियमित रूप से चाय पीने से हड्डियां भंगुर हो जाती हैं, रक्त वाहिकाएं सिकुड़ जाती हैं, रक्तचाप बढ़ जाता है और एसिडोसिस बढ़ जाता है। हमेशा कम उबली चाय ही पीनी चाहिए, क्योंकि ज्यादा उबालने से चाय में निकोटिनमाइड की मात्रा बढ़ जाती है, जो कि स्वास्थ्य के लिए अच्छा नहीं होता है।

चाय के बारे में कुछ अन्य जानकारियां

  • चाय दुनिया के सबसे पुराने पेय पदार्थों में से एक है, और यह दुनिया में सबसे ज्यादा पिया जाने वाला पेय है।
  • चाय की खेती लाखों छोटे उत्पादकों को रोजगार और आय प्रदान करती है, जो कई देशों में बड़े चाय बागानों के उत्पादन के पूरक हैं या फिर आज के दिन उन्हें प्रतिस्थापित कर रहे हैं।
  • उत्पादित चाय का तीन चौथाई घरेलू स्तर पर खपत होता है, चाय व्यापक रूप से व्यापार और निर्यात की जाने वाली वस्तु है।
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