थार क्षेत्र के श्रवण कुमार का VOICE फ़ेलोशिप के लिए चयन, राजस्थान से एकमात्र प्रतिभागी बने
श्रवण कुमार थार जैसे जलवायु-संवेदनशील और संसाधन-सीमित क्षेत्र से आते हैं। वे लंबे समय से बालोतरा और आसपास के इलाक़ों में लू, पानी की कमी, जनस्वास्थ्य, घुमंतू समुदायों और जलवायु परिवर्तन से जुड़े मुद्दों पर ज़मीनी स्तर पर काम करते रहे हैं।
बालोतरा।राजस्थान के थार मरुस्थल क्षेत्र के बालोतरा ज़िले के टापरा गाँव के निवासी श्रवण कुमार मेघवाल ने देश की प्रतिष्ठित VOICE फ़ेलोशिप सफलतापूर्वक पूरी कर ली है। इस राष्ट्रीय स्तर की फ़ेलोशिप में वे पूरे राजस्थान से एकमात्र प्रतिभागी रहे, जिससे यह उपलब्धि थार क्षेत्र और राज्य दोनों के लिए गर्व का विषय मानी जा रही है।
VOICE फ़ेलोशिप, भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (IISER), पुणे में संचालित CARE (Communicating Action and Resilience for Environmental Health)) प्रोजेक्ट का हिस्सा है, जिसका नेतृत्व Dr. Shalini Sharma द्वारा किया जाता है। यह फ़ेलोशिप CARE प्रोजेक्ट के अंतर्गत एक एक्शन-रिसर्च आधारित पहल है और IISER पुणे में आयोजित की गई। VOICE, IISER पुणे में आयोजित पहली राष्ट्रीय स्तर की आवासीय (Residential) फ़ेलोशिप भी मानी जा रही है।
फ़ेलोशिप के दौरान प्रतिभागियों को जलवायु परिवर्तन, जनस्वास्थ्य और पर्यावरण से जुड़े विषयों पर वैज्ञानिक और तथ्य-आधारित रिपोर्टिंग का गहन प्रशिक्षण दिया गया। इस दौरान श्रवण कुमार को विज्ञान विशेषज्ञों, शोधकर्ताओं और अनुभवी मीडिया पेशेवरों के साथ संवाद करने, स्टोरी पिच तैयार करने, ज़मीनी रिपोर्टिंग करने और वैज्ञानिक तथ्यों के साथ प्रभावी प्रस्तुति देने का अवसर मिला।
कार्यक्रम के अंतिम चरण में श्रवण कुमार ने थार क्षेत्र जैसे जलवायु-संवेदनशील और संसाधन-सीमित इलाक़े से जुड़ी अपनी स्टोरी पर प्रस्तुति दी, जिसमें उन्होंने लू, पानी की कमी, स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को वैज्ञानिक और मानवीय दृष्टिकोण से सामने रखा।
श्रवण कुमार लंबे समय से बालोतरा और आसपास के क्षेत्रों में जलवायु परिवर्तन, जनस्वास्थ्य, पानी की समस्या और घुमंतू समुदायों से जुड़े मुद्दों पर ज़मीनी स्तर पर काम करते रहे हैं। VOICE फ़ेलोशिप के माध्यम से उनके प्रयासों को राष्ट्रीय स्तर का मंच और वैज्ञानिक दिशा मिली है।
श्रवण कुमार का कहना है कि VOICE फ़ेलोशिप उनके लिए सीखने के साथ-साथ एक बड़ी ज़िम्मेदारी भी रही। इस अनुभव ने उन्हें यह समझने में मदद की कि किस तरह स्थानीय और ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याओं को वैज्ञानिक तथ्यों के साथ राष्ट्रीय विमर्श का हिस्सा बनाया जा सकता है।
उनकी इस उपलब्धि से टापरा गाँव और बालोतरा ज़िले में खुशी का माहौल है। स्थानीय लोग और युवा इसे थार क्षेत्र के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण मान रहे हैं, जो यह दर्शाता है कि दूरस्थ और ग्रामीण इलाक़ों से भी राष्ट्रीय और वैज्ञानिक मंचों तक पहुँचना संभव है।
VOICE फ़ेलोशिप और CARE प्रोजेक्ट से जुड़ी अधिक जानकारी के लिए आधिकारिक वेबसाइट देखी जा सकती है:
www.careproject.net
What's Your Reaction?
Like
1
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Angry
0
Sad
0
Wow
0