100 गार्ड, 500 सेवादार और पुलिस का पहरा, नवरात्रि के लिए कालकाजी मंदिर अभेद्य किला तैयार
दिल्ली के प्रसिद्ध सिद्धपीठ श्री कालकाजी मंदिर में नवरात्रि को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में हैं। इस बार श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर प्रबंधन ने व्यवस्थाओं को पहले से अधिक सुदृढ़ और व्यवस्थित बनाया है ताकि दर्शन के दौरान किसी भी तरह की असुविधा न हो।
नई दिल्ली। दिल्ली के प्रसिद्ध सिद्धपीठ श्री कालकाजी मंदिर में नवरात्रि को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में हैं। इस बार श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर प्रबंधन ने व्यवस्थाओं को पहले से अधिक सुदृढ़ और व्यवस्थित बनाया है ताकि दर्शन के दौरान किसी भी तरह की असुविधा न हो।
श्री कालकाजी मंदिर प्रबंधक सुधार कमिटी के अध्यक्ष लोकेश भारद्वाज ने बताया कि नवरात्रि के दौरान लाखों श्रद्धालुओं के आने की संभावना को ध्यान में रखते हुए मंदिर प्रशासन ने प्रवेश और निकास की विस्तृत और सुनियोजित व्यवस्था तैयार की है। भक्तों के लिए कुल तीन प्रमुख एंट्री गेट निर्धारित किए गए हैं। पहला प्रवेश द्वार राम प्याऊ (शंभूदयाल) की ओर से होगा, जहां से बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए व्यवस्थित कतार प्रणाली और बैरिकेडिंग की व्यवस्था की जाएगी। दूसरा प्रवेश मार्ग ओखला साइड से बनाया गया है, जो दक्षिणी दिशा से आने वाले भक्तों के लिए सुविधाजनक रहेगा। वहीं तीसरा एंट्री पॉइंट लोटस टेंपल की ओर से रखा गया है ताकि आसपास के क्षेत्रों से आने वाले श्रद्धालुओं को भी आसान पहुंच मिल सके। श्रद्धालु दर्शन के बाद दो निर्धारित मार्गों- ओखला और महंत परिसर, से बाहर निकल सकेंगे।
उपाध्यक्ष नीरज भारद्वाज ने बताया कि भीड़ को नियंत्रित करने के लिए क्राउड मैनेजमेंट प्लान तैयार किया है। इसके तहत 500 से अधिक सेवादारों को अलग-अलग शिफ्टों में तैनात किया जाएगा, जो पूरे दिन और रात श्रद्धालुओं की आवाजाही को व्यवस्थित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। इनके अलावा 100 से ज्यादा प्रशिक्षित सिक्योरिटी गार्ड भी नियुक्त किए गए हैं, जो मंदिर परिसर के विभिन्न संवेदनशील स्थानों पर निगरानी रखेंगे और अव्यवस्था से निपटेंगे। साथ ही, सैकड़ों पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी, जो भीड़ नियंत्रण, ट्रैफिक मैनेजमेंट और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करेंगे। इनके अलावा, पीएसी और पैरामिलिट्री फोर्स की कंपनियां भी इस व्यवस्था का हिस्सा होंगी।
सचिव सिद्धार्थ भारद्वाज ने जानकारी दी कि श्रद्धालुओं की स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए मंदिर परिसर में डिस्पेंसरी और फर्स्ट एड की व्यवस्था की गई है। दिल्ली सरकार की कैट्स एंबुलेंस 24 घंटे उपलब्ध रहेगी, जिससे किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सहायता पहुंचाई जा सके। श्रद्धालुओं के लिए पीने के पानी, हेल्प डेस्क और अन्य मूलभूत सुविधाओं की पर्याप्त व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही मंदिर के आसपास ट्रैफिक को सुचारु बनाए रखने के लिए पार्किंग और यातायात की विशेष योजना तैयार की गई है। मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की कि वे प्रशासन और मंदिर प्रबंधन के दिशा-निर्देशों का पालन करें और व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग दें ताकि सभी भक्तों को सुगमता और श्रद्धा के साथ माता के दर्शन का अवसर मिल सके।
नवरात्रि के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए मंदिर प्रशासन ने कई जरूरी आधारभूत कार्य भी पूरे कर लिए हैं। भक्तों को धूप और बारिश से बचाने के लिए मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में टीन शेड का निर्माण कराया गया है। मंदिर तक पहुंचने वाले मार्गों और आसपास की सड़कों का रेनोवेशन किया गया है। वहीं, सुरक्षा के लिहाज से खुले में फैली वायरिंग को ढकने का काम भी किया गया है।
दंडवत यात्रा पर रहेगा पूर्ण प्रतिबंध
नवरात्रि के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए मंदिर प्रशासन ने कुछ गतिविधियों पर पूरी तरह रोक लगाने का निर्णय लिया है। इसके तहत हाथों में दिया लेकर दंडवत यात्रा करना, डीजे एवं साउंड सिस्टम का उपयोग करना और ध्वज (झंडा) लेकर मंदिर परिसर में प्रवेश करना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि इन नियमों का सख्ती से पालन कराया जाएगा, ताकि भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था में किसी प्रकार की बाधा न आए और सभी श्रद्धालु शांतिपूर्ण व व्यवस्थित तरीके से दर्शन कर सकें
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