उत्तरकाशी में पत्रकार राजीव प्रताप 9 दिन से लापता, भ्रष्टाचार उजागर करने पर धमकियों व साजिश की आशंका

राजीव ने स्थानीय जिला अस्पताल की बदहाली पर एक वीडियो बनाया था, जिसके बाद उन्हें जान से मारने की धमकियां मिल रही थीं। परिवार को साजिश का संदेह है।

Sep 27, 2025 - 17:12
Sep 27, 2025 - 17:16
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उत्तरकाशी में पत्रकार राजीव प्रताप 9 दिन से लापता, भ्रष्टाचार उजागर करने पर धमकियों व साजिश की आशंका
पत्रकार राजीव प्रताप

उत्तराखंड के जनपद उत्तरकाशी से एक बड़ी चिंता की खबर सामने आई है। स्वतंत्र पत्रकार राजीव प्रताप पिछले 9 दिनों से रहस्यमयी हालात में लापता हैं। 18 सितंबर की रात करीब 11 बजे वे अपने पुलिसकर्मी दोस्त की कार से घर लौट रहे थे, लेकिन उनकी कार अगली सुबह भागीरथी नदी के किनारे गंगोरी क्षेत्र में मिली। कार में राजीव नहीं थे और उनके साथ एक व्यक्ति और था, जो रास्ते में ही उतर गया था। परिवार ने पुलिस में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई है और पुलिस के साथ एसडीआरएफ, एनडीआरएफ की टीमें नदी में सर्च ऑपरेशन चला रही हैं, मगर अब तक कोई सुराग नहीं लग पाया है।

धमकियों, साजिश और भ्रष्टाचार के खुलासे की आशंका

राजीव प्रताप ‘दिल्ली–उत्तराखंड लाइव’ नामक डिजिटल प्लेटफॉर्म चलाते थे और अक्सर उत्तरकाशी के स्थानीय मुद्दों व सरकारी अस्पतालों में भ्रष्टाचार की पोल खोलते रहते थे। परिवार के अनुसार, हाल ही में उन्होंने जिला अस्पताल की बदहाली का वीडियो वायरल किया था—जिसमें दवाइयों की कमी, दीवारों की दरारें और मरीजों की हालत स्पष्ट दिखाई गई थी। इसके बाद से राजीव को धमकियां मिल रही थीं और मानसिक रूप से वह काफी परेशान थे। पत्नी मुस्कान ने आरोप लगाया है कि राजीव की बेबाक पत्रकारिता के चलते कुछ लोग नाराज़ थे और परिवार को साजिश की आशंका है।

पुलिस जांच जारी, कई एंगल पर पड़ताल

पुलिस का कहना है कि परिवार की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और सीसीटीवी फुटेज की भी जांच की जा रही है। पुलिस दुर्घटना व आपराधिक साजिश दोनों पहलुओं पर जांच कर रही है। स्थानीय लोग भी मानते हैं कि पर्वतीय क्षेत्रों में दुर्घटनाएं आम हैं पर जिस तरह राजीव सामाजिक मुद्दों को उठाते थे, उनके गायब होने को साधारण हादसा मानना आसान नहीं है।

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Harish Saharan I’m a Journalist deeply rooted in the soil of rural India, observing the shifting sands of politics, culture, and identity.