जेएनयू में सात साल बाद रेलवे रिज़र्वेशन काउंटर फिर शुरू; एबीवीपी ने कहा-वादा निभाया
छात्रसंघ चुनाव 2024–25 की ऐतिहासिक जीत के बाद एबीवीपी-जेएनयू की पहल; संयुक्त सचिव वैभव मीणा ने रेल मंत्री से मिलकर मुद्दा उठाया, लगातार फॉलो-अप के बाद काउंटर रीस्टार्ट।
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में सात साल से बंद पड़ा रेलवे रिज़र्वेशन काउंटर अब फिर से चालू होने जा रहा है। छात्र हितों से जुड़े अपने प्रमुख वादे को अमल में लाते हुए अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) जेएनयू इकाई ने इसे प्राथमिकता पर आगे बढ़ाया और संबंधित मंत्रालयों/विभागों से समन्वय के बाद काउंटर की बहाली सुनिश्चित करवाई। एबीवीपी का कहना है कि यह केवल सुविधा की वापसी नहीं, बल्कि “काम की राजनीति” का एक ठोस उदाहरण है।
एबीवीपी-नेतृत्व वाले छात्रसंघ की 2024–25 जीत के बाद, संयुक्त सचिव वैभव मीणा ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से भेंट कर कैम्पस में काउंटर रीस्टार्ट का औपचारिक अनुरोध रखा और निरंतर फॉलो-अप किया। संगठन के अनुसार, बड़ी संख्या में दूरदराज़ से आने-जाने वाले छात्रों को ऑन-कैम्पस आरक्षण सुविधा से वास्तविक राहत मिलेगी—खासकर तब, जब ऑनलाइन और एजेंट-आधारित बुकिंग में तकनीकी/आर्थिक बाधाएं सामने आती रही हैं।
वैभव मीणा ने कहा, “जो कहा, वो किया। जेएनयू में एबीवीपी ने दिखाया है कि छात्र राजनीति का केंद्र भाषण नहीं, समाधान है। रेलवे काउंटर का खुलना सुविधा से आगे बढ़कर विश्वास की जीत है—यह प्रमाण है कि ईमानदार नीयत और निरंतर प्रयास से असंभव दिखने वाले लक्ष्य भी पूरे होते हैं।”
एबीवीपी-जेएनयू ने समानांतर रूप से अन्य छात्र-हित योजनाओं पर भी काम बढ़ाया है। हेल्थ सेंटर को सुदृढ़ करने के लिए दिल्ली सरकार से समन्वय कर नियमित मुफ्त हेल्थ कैंप लगाने पर सहमति बनी है। वाइस-चांसलर की स्वीकृति के उपरांत हेल्थ सेंटर को “आयुष्मान आरोग्य मंदिर” की अवधारणा से विकसित करने का प्रस्ताव भी पेंडिंग अनुमोदन के साथ तैयार है।
परिवहन मोर्चे पर, यू-बस सेवा की बहाली के बाद अब डीटीसी बसों में छात्रों के लिए मुफ्त यात्रा और मेट्रो फीडर बस सेवा प्रारंभ कराने की पहल जारी है। खेल अवसंरचना के लिए मैदानों/स्टेडियम का नवीनीकरण शुरू कराया गया है, ताकि जेएनयू को आधुनिक स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के रूप में उन्नत किया जा सके। शैक्षणिक मोर्चे पर जनजातीय अध्ययन केंद्र की स्थापना के लिए केंद्रीय जनजातीय मंत्रालय से सकारात्मक संवाद हुआ है, वहीं एआई और सेमीकंडक्टर मिशन से जेएनयू छात्रों को जोड़ने का आग्रह भी संबंधित मंत्रालय के समक्ष रखा गया है।
एबीवीपी का कहना है कि इन पहलों का मूल उद्देश्य छात्र जीवन की रोज़मर्रा की समस्याओं का ठोस समाधान देना है—चाहे वह टिकट बुकिंग जैसी बेसिक सुविधा हो, स्वास्थ्य सेवाएं हों, कैम्पस ट्रांसपोर्ट या खेल-शैक्षणिक अवसरों का विस्तार। संगठन ने संकेत दिया है कि आने वाले महीनों में भी “समाधान-केन्द्रित” दृष्टिकोण के साथ कई घोषणाओं को जमीन पर उतारा जाएगा।
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