Rajasthan News: कांग्रेस में गुटबाजी के सवाल पर अशोक गहलोत का बड़ा बयान, बोले- 'मीडिया और जनता के बीच से यह कन्फ्यूजन अब हटना चाहिए'
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पार्टी के भीतर लंबे समय से चल रही गुटबाजी और अंदरूनी कलह के आरोपों पर खुलकर जवाब दिया है।
नई दिल्ली। राजस्थान कांग्रेस में गुटबाजी और 'नेताओं की आपसी खींचतान' का मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है। इस बीच, पार्टी के दिग्गज नेता और पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इस पूरे विवाद पर विराम लगाने की कोशिश करते हुए एक बड़ा बयान दिया है।
अशोक गहलोत ने साफ शब्दों में कहा है कि पार्टी के भीतर किसी भी स्तर पर कोई गुटबाजी नहीं है और मीडिया तथा जनता के बीच जो भी गलतफहमियां बनी हुई हैं, वह 'कन्फ्यूजन' अब पूरी तरह से साफ होना चाहिए।
"विपक्ष फैला रहा है गुटबाजी का भ्रम"
जयपुर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान जब गहलोत से पार्टी के भीतर अलग-अलग गुटों (विशेष रूप से गहलोत बनाम पायलट खेमे) के सक्रिय होने को लेकर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने कहा, "कांग्रेस में सभी नेता और कार्यकर्ता मिलकर काम कर रहे हैं। हमारे बीच मतभेद हो सकते हैं, लेकिन मनभेद नहीं हैं। गुटबाजी की खबरें अक्सर विपक्ष द्वारा अपनी विफलताओं को छिपाने और कांग्रेस की छवि को नुकसान पहुंचाने के लिए हवा दी जाती हैं। यह कन्फ्यूजन अब पूरी तरह से हटना चाहिए।"
एकजुटता पर दिया जोर
गहलोत ने हालिया राजनीतिक घटनाक्रमों का हवाला देते हुए कहा कि पार्टी का एकमात्र लक्ष्य अब युवाओं के अधिकारों, पेपर लीक के खिलाफ लड़ाई और आगामी चुनावों में जनता के मुद्दों को मजबूती से उठाना है। उन्होंने कहा:
कार्यकर्ताओं को संदेश: सभी कार्यकर्ताओं को आपसी मतभेद भुलाकर संगठन को मजबूत करने में जुटना होगा।
आलाकमान के फैसले सर्वोपरि: राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे के नेतृत्व में पार्टी जो भी दिशा-निर्देश तय करती है, पूरी प्रदेश कांग्रेस उसके साथ मुस्तैदी से खड़ी है।
राजनीतिक जानकारों की राय
विश्लेषकों का मानना है कि अशोक गहलोत का यह बयान ऐसे समय में आया है जब कांग्रेस राष्ट्रीय स्तर पर और राजस्थान में खुद को अधिक आक्रामक और एकजुट दिखाने की कोशिश कर रही है। 'कन्फ्यूजन हटने' की बात कहकर गहलोत ने पार्टी के भीतर और बाहर यह संदेश देने की कोशिश की है कि अब आपसी बयानबाजी का दौर खत्म हो चुका है और फोकस पूरी तरह आगामी राजनीतिक चुनौतियों पर है।
गहलोत के इस बयान के बाद उम्मीद की जा रही है कि राजस्थान कांग्रेस के अन्य बड़े नेता भी इसी सुर में सुर मिलाते नजर आएंगे, जिससे पार्टी के जमीनी कार्यकर्ताओं में एक सकारात्मक संदेश जाएगा।
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