Rajasthan News: 20 साल बाद सुलझा करौली के पांचना बांध का जल विवाद: 7 दिन में नहरों में छूटेगा पानी, लिफ्ट प्रोजेक्ट के लिए 50 करोड़ मंजूर
राजस्थान के करौली जिले में पिछले 20 सालों से चला आ रहा बहुचर्चित और संवेदनशील पांचना बांध का जल विवाद आखिरकार सुलझ गया है।
जयपुर। राजस्थान के करौली जिले और पूर्वी राजस्थान की सियासत का केंद्र बन चुका 'पांचना बांध जल विवाद' (Panchna Dam Dispute) अब अपने सुखद अंजाम तक पहुंच गया है। पिछले 20 वर्षों से पानी के बंटवारे को लेकर दो समुदायों और किसानों (कमांड बनाम अनकमांड क्षेत्र) के बीच चल रहा यह गतिरोध सरकार और प्रशासन की सूझबूझ से सुलझा लिया गया है।
इस बड़े और ऐतिहासिक फैसले से इलाके के हजारों किसानों ने राहत की सांस ली है, जिन्हें अब अपनी फसलों के लिए पर्याप्त पानी मिल सकेगा।
समझौते की मुख्य बातें: 7 दिन में मिलेगा पानी
जिला प्रशासन, पुलिस के आला अधिकारियों और दोनों पक्षों के किसान प्रतिनिधियों के बीच हुई मैराथन बैठक के बाद यह सहमति बनी है:
नहरों में पानी की आपूर्ति: प्रशासन ने आधिकारिक तौर पर यह घोषणा की है कि सभी तकनीकी और सुरक्षा इंतजाम पूरे करने के बाद, आगामी 7 दिनों के भीतर पांचना बांध की नहरों में पानी छोड़ दिया जाएगा।
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम: पानी छोड़ते समय किसी भी तरह के तनाव या टकराव को टालने के लिए नहरों के किनारे पुलिस और प्रशासन का भारी जाब्ता तैनात रहेगा।
अनकमांड क्षेत्र को बड़ी सौगात: लिफ्ट प्रोजेक्ट के लिए 50 करोड़ मंजूर
इस विवाद की मुख्य जड़ 39 गांवों (अनकमांड क्षेत्र) के किसानों की वह मांग थी, जिसमें वे अपने खेतों तक पानी पहुंचाने की गुहार लगा रहे थे, जबकि 35 गांवों (कमांड क्षेत्र) के किसान पानी को नहरों में छोड़ने की मांग पर अड़े थे।
राज्य सरकार ने इस गतिरोध को हमेशा के लिए खत्म करने के लिए अनकमांड क्षेत्र के 39 गांवों के लिए एक 'लिफ्ट सिंचाई परियोजना' (Lift Irrigation System) की घोषणा की है।
इस महत्वपूर्ण परियोजना के लिए सरकार की ओर से 50 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति (Sanction) जारी कर दी गई है।
लिफ्ट सिस्टम के जरिए अब अनकमांड क्षेत्र के ऊंचाई वाले खेतों तक भी आसानी से पानी पहुंचाया जा सकेगा, जिससे दोनों पक्षों को समान रूप से लाभ मिलेगा।
सरकार और किसानों के लिए बड़ी जीत
हाल ही में भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने इस विवाद के लिए पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को जिम्मेदार ठहराया था, जिसके बाद सियासत काफी गर्मा गई थी। लेकिन अब इस विवाद के शांतिपूर्ण समाधान को भजनलाल शर्मा के नेतृत्व वाली मौजूदा सरकार की एक बड़ी प्रशासनिक कामयाबी माना जा रहा है।
20 साल बाद पांचना बांध का पानी नहरों में बहने और 50 करोड़ के नए लिफ्ट प्रोजेक्ट की मंजूरी से करौली जिले के किसानों में खुशी की लहर दौड़ गई है। यह कदम आने वाले समय में पूर्वी राजस्थान में कृषि उत्पादन को बढ़ाने में एक 'गेम चेंजर' साबित होगा।
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