Rajasthan News: UAPA के तहत केंद्र सरकार का बड़ा एक्शन: 23 पाकिस्तानी आतंकियों को किया 'टेररिस्ट' घोषित, लिस्ट में हुए 80 नाम
केंद्र सरकार ने आतंकवाद पर कड़ा प्रहार करते हुए पाकिस्तान से ऑपरेट कर रहे 23 खूंखार आतंकियों को UAPA (Unlawful Activities Prevention Act) के तहत 'आतंकी' (Designated Terrorists) घोषित किया है।
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने सीमा पार से प्रायोजित आतंकवाद को जड़ से खत्म करने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) ने शनिवार को एक आधिकारिक आदेश (Government Order) जारी कर पाकिस्तान आधारित 23 खूंखार गुर्गों को 'गैर-कानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम' (UAPA) के तहत आधिकारिक तौर पर 'आतंकवादी' घोषित कर दिया है।
लिस्ट में अब तक 80 खूंखार नाम शामिल
इस नए नोटिफिकेशन के जारी होने के बाद, भारत सरकार द्वारा व्यक्तिगत तौर पर (Individual) आतंकी घोषित किए गए लोगों की कुल संख्या अब 80 तक पहुंच गई है।
किन संगठनों के हैं आतंकी? नए घोषित किए गए ये 23 आतंकी मुख्य रूप से जैश-ए-मोहम्मद (JeM), और लश्कर-ए-तैयबा (LeT) जैसे खूंखार आतंकवादी संगठनों से जुड़े हुए हैं।
जम्मू-कश्मीर में किए थे बड़े हमले: इनमें से कई आतंकी जम्मू-कश्मीर में सुरक्षाबलों पर हुए कई बड़े हमलों में सीधे तौर पर शामिल रहे हैं। इनमें 22 अप्रैल 2022 को जम्मू के सुंजवां (Sunjwan) में सुरक्षाबलों पर हुआ हमला और 29 नवंबर 2016 को नगरोटा (Nagrota) आर्मी कैंप पर हुआ हमला प्रमुख है।
इस घोषणा का क्या होगा असर?
साल 2019 में UAPA कानून में एक बड़ा संशोधन (Amendment) किया गया था, जिसके तहत सरकार को किसी संगठन के साथ-साथ किसी 'व्यक्ति' को भी आतंकवादी घोषित करने की शक्ति मिल गई थी।
इन 23 नामों को लिस्ट में शामिल करने से राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (NIA) जैसी एजेंसियों को बड़ी शक्ति मिल गई है।
अब एजेंसियां इन आतंकियों के वित्तपोषण (Finances) को ब्लॉक कर सकती हैं, हथियारों की बिक्री पर रोक लगा सकती हैं और इनकी संपत्तियों को जब्त (Seize) कर सकती हैं।
लिस्ट में कौन-कौन शामिल?
केंद्र सरकार ने जिन बड़े नामों को इस लिस्ट में डाला है, उनमें जैश-ए-मोहम्मद के मसूद इलियास कश्मीरी, मोहम्मद मुसादिक (उर्फ डॉक्टर), मुफ्ती मुहम्मद असगर खान और वसीम नूर जट शामिल हैं। वहीं, लश्कर-ए-तैयबा के फिरदौस अहमद भट, हारून राशिद गनई, अब्दुल रऊफ और हाफिज खालिद वलीद जैसे खूंखार आतंकवादियों को भी डेजिग्नेटेड टेररिस्ट घोषित किया गया है।
सरकार का यह कड़ा फैसला दर्शाता है कि भारत सीमा पार से होने वाले आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर लगातार काम कर रहा है और अपराधियों को बख्शा नहीं जाएगा।
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