पेपर लीक के खिलाफ राहुल गांधी का देशव्यापी अभियान: जानिए राजस्थान के 'कोटा' से ही क्यों होने जा रही है इसकी शुरुआत

कांग्रेस नेता राहुल गांधी आगामी 17 जून को राजस्थान के कोटा से पेपर लीक और भर्ती परीक्षाओं में धांधली के खिलाफ एक बड़े राष्ट्रव्यापी अभियान की शुरुआत करने जा रहे हैं।

Jun 14, 2026 - 19:10
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पेपर लीक के खिलाफ राहुल गांधी का देशव्यापी अभियान: जानिए राजस्थान के 'कोटा' से ही क्यों होने जा रही है इसकी शुरुआत
Rahul Gandhi

कोटा। देश में लगातार हो रहे पेपर लीक और प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित धांधली के मुद्दों को लेकर कांग्रेस अब सड़क पर उतरने की पूरी तैयारी कर चुकी है। कांग्रेस के दिग्गज नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी आगामी 17 जून को राजस्थान के कोटा से इस राष्ट्रव्यापी आंदोलन का शंखनाद करेंगे।

इस अभियान के तहत कांग्रेस पूरे देश में पेपर लीक माफियाओं और परीक्षा प्रणाली की कमियों के खिलाफ एक बड़ा माहौल तैयार करने जा रही है। लेकिन इस राष्ट्रीय अभियान की शुरुआत के लिए दिल्ली या किसी अन्य बड़े महानगर के बजाय राजस्थान के 'कोटा' शहर को चुनना, राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में गहरी चर्चा का विषय बना हुआ है।

अभियान के लिए 'कोटा' को ही क्यों चुना गया?

राहुल गांधी और कांग्रेस की इस रणनीति के पीछे कई बेहद मजबूत और जमीनी कारण माने जा रहे हैं:

1. देश का सबसे बड़ा 'कोचिंग हब'

कोटा को भारत की 'कोचिंग कैपिटल' कहा जाता है। यहां हर साल देश के कोने-कोने से करीब 2.5 लाख से अधिक छात्र आईआईटी-जेईई (IIT-JEE) और नीट (NEET) जैसी कठिन परीक्षाओं की तैयारी करने आते हैं। जब भी किसी राष्ट्रीय परीक्षा (जैसे हालिया NEET परीक्षा विवाद) में धांधली या पेपर लीक की खबरें आती हैं, तो उसका सबसे सीधा और मानसिक असर इसी शहर में पढ़ रहे लाखों छात्रों और उनके परिवारों पर पड़ता है। कोटा से आवाज उठाने का मतलब है—सीधे देश के युवा वर्ग के दिल पर दस्तक देना।

2. 'नीट' (NEET) परीक्षा विवाद का केंद्र

हाल ही में राष्ट्रीय स्तर पर हुई परीक्षाओं में विसंगतियों और पेपर लीक के आरोपों को लेकर छात्रों में भारी आक्रोश है। कोटा के छात्र और शिक्षक इस व्यवस्था के खिलाफ लगातार सोशल मीडिया और सड़कों पर विरोध दर्ज करा रहे हैं। राहुल गांधी इस जमीनी गुस्से को एक बड़ा राजनीतिक मंच देना चाहते हैं, ताकि केंद्र सरकार पर दबाव बनाया जा सके।

3. राजस्थान की सियासी जमीन और युवाओं का मुद्दा

राजस्थान वह राज्य है जो पिछले कुछ वर्षों में खुद कई बड़े पेपर लीक (जैसे रीट, सब-इंस्पेक्टर भर्ती) के दौर से गुजर चुका है। कांग्रेस जब सत्ता में थी, तब भाजपा ने इसे बड़ा मुद्दा बनाया था; और अब जब केंद्र और राज्य दोनों जगह भाजपा की सरकारें हैं, तो कांग्रेस इस राष्ट्रीय मुद्दे के जरिए पासा पलटना चाहती है। राहुल गांधी युवाओं को यह संदेश देना चाहते हैं कि उनके भविष्य की लड़ाई में कांग्रेस सबसे आगे खड़ी है।

17 जून की तैयारी: राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) राहुल गांधी के इस दौरे और अभियान की शुरुआत को ऐतिहासिक बनाने के लिए कोटा में बड़े स्तर पर तैयारियां कर रही है। इस कार्यक्रम में देशभर से आए छात्र संगठनों और युवाओं को भी आमंत्रित किया जा रहा है।

क्या होंगे इसके राजनीतिक मायने?

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि 'भारत जोड़ो यात्रा' के बाद से राहुल गांधी लगातार युवाओं, रोजगार और पेपर लीक जैसे मुद्दों पर खुद को केंद्रित कर रहे हैं। कोटा से शुरू होने वाला यह आंदोलन न केवल केंद्र सरकार की परीक्षा एजेंसियों (जैसे NTA) की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करेगा, बल्कि आने वाले समय में विपक्षी एकजुटता को युवाओं के हक में एक नया एजेंडा भी प्रदान करेगा। अब देखना यह है कि 17 जून को कोटा की धरती से राहुल गांधी सरकार के खिलाफ क्या बड़ा एलान करते हैं।

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