मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में मंत्रिपरिषद बैठक में एलईडी स्ट्रीट लाइटों की संख्या 1 लाख से बढ़ाकर 2 लाख करने का अहम फैसला लिया गया, ताकि दीपावली से पहले प्रदेश की सड़कों, बाजारों और मोहल्लों में रोशनी और सुरक्षा का दायरा व्यापक हो सके। सरकार का कहना है कि यह कदम ऊर्जा दक्षता, रात्रिकालीन सुरक्षा और यातायात प्रबंधन को बेहतर बनाने की दिशा में निर्णायक है।
क्या फैसला
• 2025-26 के बजट में घोषित 1 लाख एलईडी स्ट्रीट लाइटों को बढ़ाकर कुल 2 लाख लगाने का अनुमोदन, काम त्योहारी सीजन से पहले शुरू होगा।
• शहरी क्षेत्रों में पुरानी/कमजोर लाइटों को हटाकर नई एलईडी यूनिट्स लगाई जाएंगी, जिससे दृश्यता और नागरिकों की सुरक्षा और बेहतर होगी।
कहाँ और कैसे
• राज्य की सभी 312 नगरीय निकायों में चरणबद्ध तरीके से इंस्टॉलेशन/रिप्लेसमेंट होगा, बढ़ती आबादी और क्षेत्रीय विस्तार को देखते हुए लो-लाइट पॉकेट्स को प्राथमिकता दी जाएगी।
• स्वायत्त शासन/शहरी विकास विभाग को त्वरित एक्शन प्लान बनाने के निर्देश, प्रवर्तन और निगरानी की जिम्मेदारी विभागीय टीमों के पास रहेगी।
लागत और क्रियान्वयन टाइमलाइन
• संशोधित बजट घोषणा के तहत परियोजना पर लगभग 160 करोड़ रुपये व्यय का अनुमान है, जिसकी मंजूरी के साथ विभागीय निविदा/आपूर्ति-स्थापना प्रक्रियाएँ तेज की जाएंगी।
• सरकार ने दीपावली-पूर्व कार्यारंभ पर जोर देते हुए समयबद्ध लक्ष्य-पूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
नागरिकों को लाभ
• एलईडी रोशनी से ऊर्जा की बचत, रखरखाव लागत में कमी और रात में दुर्घटनाओं/अपराध-जोखिम में गिरावट की उम्मीद जताई गई है।
• बाजारों और आवासीय इलाकों में बेहतर प्रकाश से महिलाओं, विद्यार्थियों और देर रात कामकाजी नागरिकों के लिए सुरक्षित आवागमन का माहौल बनेगा।