Rajasthan News: चंबल के डकैत जगन गुर्जर की हत्या पर हाईकोर्ट सख्त, पूछा- 'राजस्थान की जेलों में आखिर हो क्या रहा है?'
अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में चंबल के कुख्यात डकैत जगन गुर्जर की हत्या के बाद राजस्थान हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने इस मामले पर स्वतः संज्ञान लेते हुए राज्य सरकार और जेल प्रशासन से कड़े सवाल किए हैं।
राजस्थान के अजमेर स्थित हाई सिक्योरिटी जेल में चंबल के खूंखार डकैत जगन गुर्जर (Jagan Gurjar) की हत्या ने राज्य की कानून-व्यवस्था और जेल सुरक्षा की पोल खोलकर रख दी है। इस हाई-प्रोफाइल मर्डर केस को लेकर अब राजस्थान हाईकोर्ट (Rajasthan High Court) ने भी गहरी नाराजगी जताते हुए राज्य सरकार को कटघरे में खड़ा किया है।
जेल में बंद कैदियों के कल्याण से जुड़े एक मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने जगन गुर्जर हत्याकांड पर स्वतः संज्ञान (Suo Motu) लिया और प्रशासन से सख्त सवाल पूछे।
हाईकोर्ट की तल्ख टिप्पणी: 'जेलों में कैमरे और मोबाइल कैसे पहुंच रहे हैं?'
सुनवाई के दौरान अदालत ने जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर चिंता व्यक्त की।
सुरक्षा पर सवाल: हाईकोर्ट ने सीधे तौर पर राज्य सरकार से पूछा कि प्रदेश की हाई सिक्योरिटी जेलों में आखिर क्या हो रहा है और वहां कैमरे तथा मोबाइल फोन कैसे पहुंच रहे हैं।
सीसीटीवी कैमरों की विफलता: अदालत ने इस बात पर विशेष टिप्पणी की कि मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जेल में लगे सीसीटीवी कैमरे कुछ भी रिकॉर्ड नहीं कर पाए। कोर्ट को यह भी बताया गया कि सुरक्षा कैमरों पर कथित तौर पर पेस्ट लगा दिया गया था, जिससे वे काम न कर सकें।
सरकार से मांगा विस्तृत जवाब
इस मामले में एडवोकेट प्रतीक कासलीवाल ने बताया कि कोर्ट ने जेलों में सुधार के लिए पहले भी कई निर्देश दिए थे, जिनमें जेलों में पर्याप्त सीसीटीवी कैमरे होना और अनधिकृत मोबाइल फोन के प्रवेश पर रोक लगाना शामिल था।
हाईकोर्ट ने अब राज्य सरकार और जेल प्रशासन को सख्त निर्देश दिया है कि वे बताएं कि इस घटनाक्रम से जुड़े कैमरों में क्या रिकॉर्ड हुआ है और प्रशासन ने लापरवाही पर क्या उचित कदम उठाए हैं।
मामले की अगली सुनवाई 28 जुलाई को तय की गई है, जिस दिन सरकार को अपना विस्तृत जवाब (Detailed Reply) अदालत में पेश करना होगा।
कैसे हुई थी जगन गुर्जर की हत्या?
गौरतलब है कि चंबल और धौलपुर के बीहड़ों में कभी दहशत का पर्याय रहे जगन गुर्जर को इसी साल 29 मार्च को अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में शिफ्ट किया गया था।
29 जून 2026 को उसी की बैरक में बंद कैदी विष्णु (जो जगीना हत्याकांड का आरोपी है) ने जगन की तौलिये/गमछे से गला घोंटकर हत्या कर दी थी।
घटना वाले दिन दोनों ने एक साथ सुबह बैरक की सफाई की थी और लूडो भी खेला था, जिसके बाद विष्णु ने मौका पाकर इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया।
डकैत के भाई पप्पू गुर्जर ने पहले ही जेल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए इसे एक सुनियोजित साजिश करार दिया था। अब हाईकोर्ट की इस सख्ती के बाद जेल प्रशासन और सरकार पर मामले की निष्पक्ष जांच और जेलों की सुरक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने का भारी दबाव आ गया है।
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