Rajasthan News: राजस्थान में 'जीरो टॉलरेंस': चिकित्सा अधिकारी बर्खास्त, दागी IAS-RPS अफसरों पर भी गिरेगी गाज, फुल एक्शन मोड में CM भजनलाल
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा भ्रष्टाचार और ड्यूटी में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त 'एक्शन मोड' में आ गए हैं। राज्य सरकार की 'जीरो टॉलरेंस' नीति के तहत एक बड़ी कार्रवाई करते हुए एक चिकित्सा अधिकारी को नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया है।
जयपुर। राजस्थान में सत्ता की कमान संभालने के बाद से ही मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा (CM Bhajanlal Sharma) प्रशासनिक सुधार और भ्रष्टाचार उन्मूलन को लेकर कड़े फैसले ले रहे हैं। सिस्टम में फैले भ्रष्टाचार और लापरवाही को जड़ से खत्म करने के लिए मुख्यमंत्री अब पूरी तरह से 'एक्शन मोड' में नजर आ रहे हैं। राज्य सरकार ने हाल ही में कुछ ऐसे कड़े फैसले लिए हैं, जिससे पूरे प्रशासनिक और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।
सुशासन (Good Governance) और 'जीरो टॉलरेंस' (Zero Tolerance) की नीति पर चलते हुए सरकार ने दागी अधिकारियों को साफ संदेश दे दिया है कि काम में कोताही और भ्रष्टाचार किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
चिकित्सा अधिकारी पर गिरी गाज, सेवा से किया बर्खास्त
राज्य सरकार ने ड्यूटी में गंभीर लापरवाही और नियमों की अनदेखी के मामले में सख्त रुख अपनाते हुए स्वास्थ्य विभाग पर बड़ा एक्शन लिया है।
नौकरी से छुट्टी: लंबे समय से ड्यूटी से अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित चल रहे या गंभीर अनियमितताओं में लिप्त एक चिकित्सा अधिकारी (Medical Officer) को सरकारी सेवा से पूरी तरह बर्खास्त कर दिया गया है।
कड़ा संदेश: इस कार्रवाई के जरिए सरकार ने यह स्पष्ट कर दिया है कि आम जनता के स्वास्थ्य और सरकारी ड्यूटी के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी कर्मचारी या अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा।
IAS और RPS अफसरों पर कस रहा कानूनी शिकंजा
चिकित्सा विभाग के अलावा, मुख्यमंत्री ने ब्यूरोक्रेसी (नौकरशाही) और पुलिस महकमे के दागी अफसरों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई को हरी झंडी दे दी है।
IAS पर अभियोजन की स्वीकृति: पद का दुरुपयोग करने और भ्रष्टाचार के गंभीर मामलों में फंसे आईएएस (IAS) अधिकारियों के खिलाफ कोर्ट में मुकदमा चलाने (Prosecution Sanction) की फाइल को मुख्यमंत्री ने अपनी मंजूरी दे दी है।
RPS अधिकारियों पर एक्शन: इसी तरह, पुलिस विभाग में अपने पद की गरिमा को धूमिल करने वाले और अनियमितताओं में शामिल आरपीएस (RPS) अधिकारियों के खिलाफ भी विभागीय जांच और दंडात्मक कार्रवाई की अनुमतियां जारी कर दी गई हैं।
'जीरो टॉलरेंस' का दिख रहा असर: भजनलाल सरकार के इन फैसलों को राज्य में एक साफ-सुथरा और जवाबदेह प्रशासन देने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। सरकार की इस सख्ती के बाद अब उन अधिकारियों की नींद उड़ी हुई है, जिनके खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) या अन्य जांच एजेंसियों में फाइलें लंबित हैं।
आने वाले दिनों में इस 'एक्शन मोड' के तहत प्रशासनिक फेरबदल और भी कई बड़े अधिकारियों पर गाज गिरने की पूरी संभावना जताई जा रही है।
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