Rajasthan News: अखिलेश यादव बोले- 'वसुंधरा सीएम होतीं तो अच्छा होता', अशोक गहलोत ने भी मिलाए सुर; प्रदेश में सियासी हलचल तेज
उत्तर प्रदेश के पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने जयपुर में बयान दिया कि "अगर वसुंधरा राजे राजस्थान की सीएम होतीं तो ज्यादा अच्छा काम होता।" इस बयान का पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने भी समर्थन किया और कहा कि मौजूदा सीएम 'पर्ची से बने' हैं और गंभीरता नहीं दिखा रहे। यह सियासी रार वसुंधरा राजे के उस बयान के बाद शुरू हुई है, जिसमें उन्होंने कहा था कि "मैं तो खुद को ही नहीं बचा पाई, मेरा ही सब चला गया।"
जयपुर। राजस्थान की राजनीति में इन दिनों बयानों के 'तीर' तेजी से चल रहे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे (Vasundhara Raje) के हालिया भावुक बयान के बाद, अब उत्तर प्रदेश के पूर्व सीएम और समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) के एक बयान ने राजस्थान में सियासी रार को और हवा दे दी है। अखिलेश के इस बयान का पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) ने भी खुलकर समर्थन किया है।
'वसुंधरा राजे सीएम होतीं तो ज्यादा अच्छा काम होता'
दरअसल, अखिलेश यादव जयपुर के दौरे पर आए हुए थे। इसी दौरान उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (BJP) के अंदरूनी घमासान पर चुटकी लेते हुए कहा, "मैं अपने मन की बात कह देता हूं... अगर वसुंधरा राजे जी (राजस्थान की) मुख्यमंत्री होतीं तो ज्यादा अच्छा काम होता।" अखिलेश यादव का यह बयान ऐसे समय में आया है जब राजस्थान बीजेपी के भीतर कई तरह की सियासी हलचलें चल रही हैं और वसुंधरा राजे ने हाल ही में पार्टी नेतृत्व पर तंज भी कसा है।
अशोक गहलोत ने अखिलेश का किया समर्थन, CM भजनलाल पर कसा तंज
अखिलेश यादव के इस बयान पर राजस्थान के पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने भी हामी भर दी है। गहलोत ने मीडिया से बात करते हुए कहा, "मैं अखिलेश यादव के बयान से सहमत हूं, उनकी बात में दम है। क्योंकि पर्ची आ गई और राजस्थान में (भजनलाल) सरकार बन गई। लेकिन इसके बावजूद मुख्यमंत्री को जो गंभीरता दिखानी चाहिए थी, वे नहीं दिखा रहे हैं।" गहलोत ने आगे आरोप लगाते हुए कहा कि मौजूदा सीएम केवल दौरे करने और मीडिया में छाए रहने में लगे हैं, जबकि उनके सलाहकार मीडिया वालों को धमकाने का काम करते हैं।
वसुंधरा राजे का कौन सा बयान चर्चा में है?
गौरतलब है कि हाल ही में झालावाड़ में एक कार्यक्रम के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे का एक दर्द भी छलक कर मंच से सामने आया था। राजे ने कहा था, "कल मैं जब झालावाड़ आई तो कुछ लोगों ने मुझे काम बताए और सहयोग करने के लिए कहा... लेकिन मैंने उनसे कह दिया कि मैं तुम्हारे लिए क्या कर सकती हूं? मैं अपने आप को खुद ही नहीं बचा पाई, मेरा ही सब कुछ चला गया।" वसुंधरा के इस बयान और उसके बाद अखिलेश-गहलोत की जुगलबंदी ने राजस्थान में एक नई राजनीतिक बहस छेड़ दी है।
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