Rajasthan News: अपनी ही सरकार के IAS अफसरों से भिड़े BJP सांसद मन्नालाल रावत, तबादले के बाद भी विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव की तैयारी

उदयपुर से भाजपा सांसद डॉ. मन्नालाल रावत और IAS दंपती (अंजलि राजोरिया और अंकित कुमार सिंह) के बीच टकराव गहरा गया है। राज्य सरकार द्वारा 1 अप्रैल को दोनों अफसरों के तबादले के बावजूद सांसद शांत नहीं हैं। रावत का आरोप है कि पूर्व प्रतापगढ़ कलेक्टर अंजलि राजोरिया ने अहंकार में DMF के 51 विकास कार्य रोक दिए थे। अब सांसद उनके खिलाफ संसद में विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव लाने की तैयारी कर रहे हैं।

Apr 3, 2026 - 12:29
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Rajasthan News: अपनी ही सरकार के IAS अफसरों से भिड़े BJP सांसद मन्नालाल रावत, तबादले के बाद भी विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव की तैयारी
IAS Anjali Rajoria vs MP Mannalal Rawat

उदयपुर। राजस्थान में सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता और नौकरशाही (Bureaucracy) के बीच टकराव का एक बड़ा मामला तूल पकड़ता जा रहा है। उदयपुर से भाजपा सांसद डॉ. मन्नालाल रावत (Dr. Mannalal Rawat) और चर्चित आईएएस दंपती अंजलि राजोरिया (IAS Anjali Rajoria) व अंकित कुमार सिंह (IAS Ankit Kumar Singh) के बीच की तनातनी अब दिल्ली दरबार तक पहुंचने वाली है। राज्य सरकार ने 1 अप्रैल को दोनों अधिकारियों का तबादला कर मामले को शांत करने की कोशिश की थी, लेकिन सांसद रावत ने साफ कर दिया है कि सिर्फ तबादले से यह मामला खत्म नहीं होगा।

सांसद रावत अब आईएएस अंजलि राजोरिया के खिलाफ संसद में 'विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव' (Breach of Privilege Motion) लाने की तैयारी कर रहे हैं और इसके लिए उन्होंने कानूनी विशेषज्ञों से राय भी ले ली है।

54 में से 51 विकास कार्यों को ठंडे बस्ते में डालने का आरोप

सांसद मन्नालाल रावत का मुख्य आरोप यह है कि जब अंजलि राजोरिया प्रतापगढ़ की जिला कलेक्टर थीं, तब उन्होंने डिस्ट्रिक्ट मिनरल फाउंडेशन (DMF) के तहत सरकार द्वारा स्वीकृत 54 विकास कार्यों में से केवल 3 को ही मंजूरी दी। बाकी 51 कार्यों को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। रावत का कहना है कि कलेक्टर ने यह फैसला किसी प्रशासनिक जरूरत के तहत नहीं, बल्कि अपने 'व्यक्तिगत अहंकार' के चलते लिया। 27 मार्च को संसद में भी रावत ने यह मुद्दा उठाते हुए कहा था कि कलेक्टर के इस रवैये से प्रधानमंत्री के विकास विजन को ठेस पहुंची है।

आईएएस पति अंकित कुमार सिंह से भी है पुराना विवाद

यह विवाद सिर्फ अंजलि राजोरिया तक सीमित नहीं है। सांसद रावत की उनके पति और तत्कालीन डूंगरपुर कलेक्टर अंकित कुमार सिंह से भी पुरानी अदावत है। दिसंबर 2025 में डूंगरपुर में दिशा समिति की बैठक के दौरान सांसद रावत और विधायक राजकुमार रोत के बीच तीखी बहस हुई थी। रावत का आरोप है कि उस समय कलेक्टर अंकित कुमार सिंह स्थिति को संभालने के बजाय 'मूकदर्शक' बने रहे थे।

सरकार ने किया तबादला, लेकिन सांसद नहीं हुए शांत

विवाद बढ़ता देख राज्य सरकार ने 1 अप्रैल की जंबो तबादला सूची में अंजलि राजोरिया को प्रतापगढ़ कलेक्टर पद से हटाकर गृह विभाग में संयुक्त सचिव बना दिया, जबकि अंकित कुमार सिंह को डूंगरपुर से हटाकर फलोदी का कलेक्टर लगा दिया गया। इसके बावजूद सांसद रावत का कहना है कि वे 'वेट एंड वॉच' की स्थिति में हैं और जनता के हितों से खिलवाड़ करने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने से पीछे नहीं हटेंगे।

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