जोधपुर के उम्मेद अस्पताल में फिर बड़ी चिंता: डिलीवरी के बाद 5 प्रसूताओं की अचानक बिगड़ी तबीयत, 1 वेंटिलेटर पर
राजस्थान के जोधपुर स्थित सबसे बड़े मातृ एवं शिशु चिकित्सालय 'उम्मेद अस्पताल' में एक बार फिर प्रसूताओं की जान पर बन आई है।
जोधपुर। पश्चिमी राजस्थान के सबसे बड़े महिला एवं बाल चिकित्सालय, जोधपुर के उम्मेद अस्पताल (Umaid Hospital) में एक बार फिर व्यवस्थाओं और चिकित्सा सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। यहां डिलीवरी (प्रसव) के बाद वार्ड में भर्ती 5 प्रसूताओं की तबीयत अचानक बिगड़ने से मरीजों के परिजनों और अस्पताल प्रशासन में भारी हड़कंप मच गया।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अस्पताल के वरिष्ठ डॉक्टरों की टीम को तुरंत तैनात किया गया है।
डिलीवरी के बाद अचानक बिगड़ी हालत
जानकारी के अनुसार, इन सभी पांच महिलाओं का हाल ही में उम्मेद अस्पताल में सुरक्षित प्रसव हुआ था। प्रसव के बाद वे वार्ड में स्वास्थ्य लाभ ले रही थीं, लेकिन अचानक उनके शरीर में गंभीर प्रतिक्रिया (Complications) देखने को मिली।
लक्षण: महिलाओं को अचानक तेज बुखार, कंपकंपी (Rigor) और ब्लड प्रेशर में भारी गिरावट जैसी समस्याएं होने लगीं।
आईसीयू में किया शिफ्ट: तबीयत बिगड़ते ही नर्सिंग स्टाफ और ड्यूटी डॉक्टरों ने आनन-फानन में सभी 5 प्रसूताओं को आईसीयू (ICU) में शिफ्ट किया ताकि उन्हें तुरंत विशेषज्ञ चिकित्सा उपलब्ध कराई जा सके।
एक प्रसूता वेंटिलेटर पर, स्थिति गंभीर
अस्पताल के सूत्रों के मुताबिक, बीमार पड़ी 5 प्रसूताओं में से चार की हालत इलाज के बाद फिलहाल स्थिर बताई जा रही है और उन पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।
हालांकि, एक महिला की स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई है। उसके शरीर के कई वाइटल पैरामीटर्स (Vital Parameters) अस्थिर होने के कारण डॉक्टरों ने उसे वेंटिलेटर (Ventilator) सपोर्ट पर रखा है।
संक्रमण (Infection) या दवाओं का रिएक्शन? उठ रहे सवाल
उम्मेद अस्पताल में एक साथ 5 प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ने से कई गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
संभावित कारण: मेडिकल विशेषज्ञों का मानना है कि यह स्थिति किसी गंभीर अस्पताल जनित संक्रमण (Hospital Acquired Infection), ऑपरेशन थियेटर (OT) में बैक्टीरियल इन्फेक्शन, या फिर प्रसव के दौरान दी गई किसी दवा/आईवी फ्लूड (IV Fluid) के रिएक्शन के कारण हो सकती है।
प्रशासनिक जांच: अस्पताल अधीक्षक और मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए तुरंत जांच के आदेश दे दिए हैं। दवाओं के बैच नंबर और ओटी (OT) के संक्रमण स्तर (Fumigation) की जांच की जा रही है।
यह पहली बार नहीं है जब उम्मेद अस्पताल में इस तरह की घटना सामने आई हो; पूर्व में भी यहां दूषित ग्लूकोज या संक्रमण के चलते प्रसूताओं की मौत के बड़े मामले सामने आ चुके हैं। फिलहाल, सभी की प्राथमिकता वेंटिलेटर पर मौजूद प्रसूता की जान बचाना और घटना के मूल कारण (Root Cause) का पता लगाना है।
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