Rajasthan News: बूंदी में बुलडोजर एक्शन के बीच इंची टेप लेकर सड़क पर उतरे अशोक चांदना, बोले- गरीबों के साथ अन्याय बर्दाश्त नहीं
राजस्थान के बूंदी जिले में प्रशासन द्वारा की जा रही अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई (बुलडोजर एक्शन) के दौरान कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री अशोक चांदना का एक अनोखा रूप देखने को मिला।
जयपुर। राजस्थान के बूंदी जिले से एक बेहद दिलचस्प और राजनीतिक रूप से गरमाई हुई तस्वीर सामने आई है। जिला प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे अतिक्रमण विरोधी अभियान (बुलडोजर एक्शन) के दौरान हिंडौली से कांग्रेस विधायक और पूर्व मंत्री अशोक चांदना अचानक खुद मौके पर पहुंच गए। लेकिन इस बार वे केवल नारेबाजी करने नहीं, बल्कि हाथ में 'इंची टेप' (मेजरिंग टेप) लेकर सड़क पर उतरे।
प्रशासनिक पीले पंजे की कार्रवाई के बीच अशोक चांदना ने खुद फीता थामकर सड़क की चौड़ाई और दुकानों-मकानों के आगे की जमीन को नापना शुरू कर दिया, जिसे देखकर वहां मौजूद अधिकारी और भारी भीड़ हैरान रह गई।
खुद किया नाप-जोख, अधिकारियों को दी हिदायत
घटनास्थल पर जब प्रशासन का बुलडोजर दुकानों और अवैध निर्माणों को ढहाने के लिए आगे बढ़ रहा था, तब स्थानीय व्यापारियों और गरीबों ने अशोक चांदना से गुहार लगाई। चांदना ने तुरंत दखल दिया और अधिकारियों से कहा कि कागजों में सड़क की जितनी चौड़ाई स्वीकृत है, उतनी ही नापी जाए।
चांदना ने खुद फीता पकड़कर मार्किंग की जांच की ताकि प्रशासन तय सीमा से एक इंच भी ज्यादा तोड़फोड़ न कर सके। उन्होंने मौके पर मौजूद राजस्व और प्रशासनिक टीम को दो टूक कहा कि वे नियमानुसार होने वाली कार्रवाई के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन उसकी आड़ में किसी का हक नहीं मारा जाना चाहिए।
"गरीबों के आशियाने पर नहीं चलने दूंगा अन्याय का बुलडोजर"
अशोक चांदना ने मीडिया और जनता से बात करते हुए कहा, "प्रशासन को नियम के तहत काम करना चाहिए। विकास के नाम पर अगर किसी अमीर या रसूखदार का अतिक्रमण टूटता है तो हमें कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन किसी गरीब की वैध दुकान या आशियाने पर राजनीतिक द्वेष या लापरवाही के कारण बुलडोजर चला, तो मैं खुद उसके आगे खड़ा हो जाऊंगा। गरीबों के साथ अन्याय किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं होगा।"
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल, राजनीति गरमाई
हाथ में इंची टेप लेकर सड़क नापते हुए पूर्व खेल मंत्री अशोक चांदना का यह वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं। चांदना के समर्थक इसे 'जमीनी नेता का असली तेवर' बता रहे हैं, जो जनता के हक के लिए खुद फील्ड में उतरकर तकनीकी बारीकियों से लड़ रहा है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस कदम के जरिए चांदना ने न केवल प्रशासन के मनमाने एक्शन पर रोक लगाई, बल्कि स्थानीय स्तर पर गरीबों और छोटे व्यापारियों के बीच अपनी पैठ को और मजबूत कर लिया है। फिलहाल चांदना के इस कड़े रुख के बाद प्रशासन भी बेहद फूंक-फूंक कर और पूरी कानूनी पैमाइश के बाद ही आगे की कार्रवाई कर रहा है।
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