राजस्थान में पंचायत और नगर निकाय चुनावों को लेकर मची उठापठक – आयोग ने शुरू की तैयारियाँ, सरकार ने उठाए सवाल
राज्य निर्वाचन आयोग ने 22 अगस्त, 2025 को पंचायत और नगर निकाय चुनावों के लिए ताजा गाइडलाइन जारी कर दी है। आयोग ने सभी जिलों के कलेक्टरों को मतदाता सूची (वोटर लिस्ट) तैयार करने का निर्देश दिया है, जिससे साफ जाहिर है कि चुनावी प्रक्रिया की शुरुआत हो चुकी है।
राज्य निर्वाचन आयोग ने शुक्रवार को पंचायत और नगर निकाय चुनावों के लिए गाइडलाइन जारी कर दी है, जिसके तहत सभी जिलों के कलेक्टरों को मतदाता सूची (वोटर लिस्ट) तैयार करने का काम तुरंत शुरू करने का निर्देश दिया गया है। आयोग ने कहा कि यह कदम चुनावी प्रक्रिया की औपचारिक शुरुआत है, जिसके बाद आरक्षण, नामांतरण व आवेदनों की शुद्धता की जांच भी की जाएगी।
वहीं, बजाय इस चुनावी चक्र को दिसंबर तक स्थगित करने के सरकार के प्रयासों के, आयोग ने स्पष्ट कर दिया कि उसकी अधिसूचना सर्वोपरि है और उसे रोकने का कोई औचित्य नहीं। सरकार का तर्क था कि मानसून सत्र चलने व वित्तीय बजट तैयार होने के कारण प्रशासनिक व कर्मचारियों पर अतिरिक्त दबाव पड़ेगा, इसलिए चुनाव आगे टाला जाना चाहिए। लेकिन आयोग ने इन वजहों को चुनाव की पावन प्रक्रिया में बाधा नहीं मानते हुए कहा कि निर्धारित समय में मतदाता सूची का अद्यतन व चुनाव संचालन दोनों को सुचारू रूप से साथ-साथ आगे बढ़ाया जा सकता है।
इस संक्षिप्त टकराव से चुनाव आयोग की स्वायत्तता और सरकार की व्यावहारिक चुनौतियों का आमना-सामना उजागर हुआ है। अब सरकारी मशीनरी—कलेक्टर, अधीनस्थ अधिकारी एवं राजस्व कर्मचारी—मतदाता सूची के प्रारूप, आपत्तियों व आपत्तिपत्रों को समयबद्ध तरीके से पूरा करेंगे, ताकि ग्राम व वार्ड स्तर पर शुद्ध व अद्यतित वोटर लिस्ट तैयार हो सके।
आयोग ने यह भी कहा कि पंचनामों, मतदान केन्द्रों की संख्या व स्थानों के निर्धारण के लिए जल्द ही दूसरी गाइडलाइन जारी की जाएगी। इस बीच, सरकार ने आयोग से पुनर्विचार का अनुरोध किया है, लेकिन आयोग ने फिलहाल अपने निर्णय पर टिके रहने का संकेत दिया है।
इस घटना ने एक बार फिर दिखाया कि लोकतंत्र की बुनियाद—स्वतंत्र चुनाव प्राधिकरण—और कार्यपालिका के बीच संतुलन की चुनौतियां कैसे उभरती हैं, और अंततः संविधान व प्रक्रिया का पालन ही सर्वोच्च मानदंड होता है।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Angry
0
Sad
0
Wow
0