कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने कहा कि राजस्थान सरकार SI भर्ती-2021 मामले में परस्पर-विरोधी बातें कर रही है—“मंत्री बयान में कुछ और कहते हैं, जबकि कोर्ट के आदेश/हलफनामे और निर्णय की दिशा अलग है,” इसलिए सरकार उलझन में दिख रही है। पायलट ने दो टूक कहा कि कोर्ट का आदेश स्पष्ट है; यदि पेपर लीक और गड़बड़ी सिद्ध हुई है, तो पूरी प्रक्रिया पर कठोर कार्रवाई और जिम्मेदारी तय होना आवश्यक है।
पायलट के मुख्य तर्क
• कोर्ट का आदेश पढ़ने पर कोई “आशंका” शेष नहीं रहती; समीक्षा (रिव्यू) का विकल्प सरकार पर छोड़ा गया, लेकिन इससे आदेश की स्पष्ट टिप्पणियों का अर्थ नहीं बदलता।
• सरकार डेढ़–दो साल में केवल समितियाँ बनाती रही और फिर अदालत में जाकर पलट गई; जिम्मेदार कौन है—इसका जवाब किसी के पास नहीं है, जबकि भर्ती रद्द होने से युवाओं का भविष्य दांव पर है।