‘आवाज़ दबाने की कोशिश’: राजस्थान विश्वविद्यालय विवाद के बीच अध्यक्ष विनोद जाखड़ के बाद अब NSUI राजस्थान सोशल मीडिया चेयरमैन राहुल सिंह काजला की गिरफ्तारी
Rajasthan News: राजस्थान विश्वविद्यालय विवाद में NSUI अध्यक्ष विनोद जाखड़ की गिरफ्तारी के बाद सोशल मीडिया चेयरमैन राहुल सिंह काजला को भी हिरासत में लिया गया; NSUI इसे लोकतांत्रिक आवाज़ दबाने की कोशिश बता रही है।
Jaipur। राजस्थान विश्वविद्यालय में चल रहे विवाद के बीच छात्र राजनीति फिर गरमा गई है। NSUI के राज्य अध्यक्ष विनोद जाखड़ की गिरफ्तारी के बाद अब संगठन के राजस्थान सोशल मीडिया चेयरमैन राहुल सिंह काजला को भी पुलिस ने हिरासत में लिया है। NSUI इसे “आवाज़ दबाने की कोशिश” बता रही है, जबकि कैंपस में सुरक्षा और अनुशासन को लेकर बहस तेज है।
क्या है मामला
राजस्थान विश्वविद्यालय में हाल के दिनों में छात्र संगठनों के बीच तनातनी और विरोध प्रदर्शन बढ़े हैं। इसी सिलसिले में पहले NSUI अध्यक्ष विनोद जाखड़ की गिरफ्तारी हुई थी। अब सोशल मीडिया गतिविधियों और कैंपस घटनाक्रम को लेकर NSUI के राज्य सोशल मीडिया चेयरमैन राहुल सिंह काजला की गिरफ्तारी की खबर सामने आई है। इस कदम के बाद छात्र संगठनों में नाराज़गी और राजनीतिक बयानबाज़ी तेज हो गई है।
X के माध्यम से मिली जानकारी
राहुल सिंह काजला ने अपने आधिकारिक X हैंडल @Rahulsinghkajla पर पोस्ट करते हुए लिखा,मुझे राजस्थान पुलिस ने गिरफ्तार कर अज्ञात स्थान पर ले जाया जा रहा है। पुलिस यह बताने से इंकार कर रही है कि मुझे कहाँ ले जाया जा रहा है। यह कार्रवाई राजस्थान विश्वविद्यालय में आरएसएस की ‘गैर-लोकतांत्रिक शस्त्र पूजा’ के मेरे विरोध के प्रतिशोध में की जा रही है।
“जय हिंद. इंक़िलाब ज़िंदाबाद.”
मुझे राजस्थान पुलिस गिरफ़्तार कर अज्ञात स्थान पर ले जा रही है।
पुलिस यह बताने से इनकार कर रही है कि मुझे कहाँ ले जाया जा रहा है।
यह गिरफ़्तारी RSS की लोकतंत्र विरोधी शस्त्र पूजा का विरोध करने की सज़ा है।
मैं झुकूँगा नहीं लोकतंत्र की लड़ाई जारी रहेगी!
जय हिन्द! — Rahul Singh (@Rahulsinghkajla) October 1, 2025
गिरफ्तारी और प्रतिक्रियाएं
राहुल सिंह काजला की गिरफ्तारी के बाद NSUI पदाधिकारियों और समर्थकों ने इसे सीधे-सीधे असहमति की आवाज़ पर कार्रवाई बताया, वहीं विरोधी छात्र संगठनों ने कैंपस अनुशासन को सर्वोपरि ठहराते हुए कानून के दायरे में जांच और कार्रवाई की मांग रखी। राजनीतिक गलियारों में भी इस कदम पर तीखी प्रतिक्रियाएं आईं—कहीं इसे ‘ओवररीच’ कहा गया तो कहीं ‘कानून-व्यवस्था बनाए रखने का उपाय’ बताकर उचित ठहराया गया।
कानूनी प्रक्रिया
गिरफ्तारी के बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया में प्रस्तुतिकरण, संभावित जमानत-याचिका और जांच एजेंसियों द्वारा डिजिटल साक्ष्यों का परीक्षण शामिल रहने की संभावना है; मामले से जुड़े आधिकारिक दस्तावेज सार्वजनिक होने के साथ धाराओं और आरोपों की स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी। न्यायिक प्रक्रिया के बीच सभी पक्षों को अपने-अपने साक्ष्य और तर्क रखने का अवसर मिलेगा, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई ठहरेगी।
कौन हैं राहुल सिंह काजला
राहुल सिंह काजला NSUI राजस्थान के सोशल मीडिया चेयरमैन हैं, जिनकी भूमिका संगठन के डिजिटल कैंपेन, संचार रणनीति और ऑनलाइन मोबिलाइज़ेशन को दिशा देना रही है; वे कैंपस और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर मुखर ऑनलाइन मौजूदगी के ज़रिए पहचान बनाते हैं। छात्र-राजनीति के मैदान में वे डिजिटल नैरेटिव और ज़मीनी अभियानों के बीच पुल का काम करते देखे जाते हैं, जिसके चलते समर्थक वर्ग में उनकी सक्रियता का खास प्रभाव माना जाता है।
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