राजस्थान विश्वविद्यालय में रोस्टर रजिस्टर विवाद: आरक्षण विसंगतियों पर छात्रों ने दर्ज करवाई आपत्तियां
राजस्थान विश्वविद्यालय द्वारा शिक्षक पदों की सीधी भर्ती के लिए जारी नए रोस्टर रजिस्टर में ओबीसी, एससी, एसटी, एमबीसी व अन्य आरक्षित वर्गों के आरक्षण अनुपात और पदों की गणना में भारी विसंगतियां पाई गईं। पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष डॉ. रामसिंह सामोता सहित कई छात्रों ने रजिस्ट्रार को ज्ञापन सौंपकर इन विसंगतियों पर आपत्ति दर्ज कराई और जल्द सुधार की मांग की।
जयपुर। राजस्थान विश्वविद्यालय में सीधी भर्ती के लिए जारी किए गए नए रोस्टर रजिस्टर में आरक्षण नियमों की अनदेखी और OBC, SC, ST, MBC वर्ग के आरक्षित पदों को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा 23 अगस्त 2025 को असिस्टेंट प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर और प्रोफेसर के पदों के लिए रोस्टर जारी कर आपत्तियां मांगी गई थीं। इस पर छात्र और शिक्षक संगठनों ने विश्वविद्यालय रजिस्ट्रार राजकुमार कस्वा को ज्ञापन सौंपकर आरक्षण घोटाले का आरोप लगाया।
पूर्व शोध छात्रसंघ अध्यक्ष डॉ. रामसिंह सामोता, डॉ. सज्जन कुमार सैनी, डॉ. अश्वनी कुमार, डॉ. राजेश कुमार, अभिषेक भामू सहित कई साथियों ने ज्ञापन देते हुए कहा कि रोस्टर रजिस्टर में बार-बार आरक्षण नियमों की अनदेखी हो रही है। OBC, SC, ST और MBC वर्गों के पदों में कटौती या छेड़छाड़ की गई है, जिससे आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों में रोष है।
डॉ. सामोता ने चेतावनी दी कि अगर विश्वविद्यालय प्रशासन ने समय रहते आरक्षण नियमों के तहत सभी विसंगतियाँ नहीं सुधारीं तो जल्द ही विश्वविद्यालय स्तर पर शिक्षकों और छात्रों का बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा।
छात्र नेताओं ने मांग की कि बगैर किसी छेड़छाड़ और पारदर्शिता के साथ आरक्षण का लाभ पात्र वर्गों को मिले। वेब पोर्टल पर सभी आरक्षण पोस्टिंग एवं रोस्टर रजिस्टर सार्वजनिक करने की मांग भी की गई है।
छात्रों-शिक्षकों की ओर से यह भी सवाल उठाया गया कि अन्य राज्यों में पारदर्शी 200 प्वाइंट यूनिवर्सिटी रोस्टर लागू है, जबकि राजस्थान विश्वविद्यालय में लंबे समय से विभागवार 13 प्वाइंट रोस्टर चल रहा है, जिससे पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं मिल रहा।
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