मानेसर प्रकरण को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के सरकार गिराने के आरोपों पर राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) प्रमुख और नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने तीखा पलटवार किया है। बेनीवाल ने गहलोत के आरोपों को बिल्कुल निराधार बताते हुए स्पष्ट किया कि मानेसर लेजर कांग्रेस पार्टी की अंदरूनी खींचतान का नतीजा था, जिसमें लाचार जनता के हितों की अवहेलना हुई।
सचिन पायलट का समर्थन:
हनुमान बेनीवाल ने दावा किया कि 2018 विधानसभा चुनाव के बाद सचिन पायलट ने उनसे सीधे मांगा था कि वे मुख्यमंत्री बनने के लिए उनका समर्थन करें। “बिना किसी शर्त के मैंने सचिन पायलट के समर्थन में रालोपा के तीन विधायकों के वोट देने की बात कांग्रेस को कही थी, लेकिन मानेसर प्रकरण कांग्रेस के अंदर की लड़ाई का नतीजा था, इसमें मुझे शामिल करना गलत है,” बेनीवाल ने बयान में कहा।
गहलोत पर फिर हमला:
बेनीवाल ने साफ करते हुए कहा— “गहलोत जी, मेरा स्टैंड हमेशा जन भावना के अनुकूल रहा। मुझे किसी भी सबूत की आवश्यकता नहीं है कि मैंने आपकी सरकार को गिराने में क्या भूमिका निभाई, क्योंकि मेरी भूमिका सार्वजनिक और साफ थी।”
युवाओं के सपनों का सवाल:
बेनीवाल ने गहलोत पर निशाना साधते हुए कहा कि जनता के हितों को भुलाकर सिर्फ सत्ता बचाने की लड़ाई में वे इतने उलझ गए थे कि प्रदेश का अपराध, भ्रष्टाचार और पेपर लीक रेकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। “आपके मुख्यमंत्री रहते मंत्रिमंडल के आपसी सामंजस्य भी नहीं था, विधायकों और मंत्रियों को होटलों में रखकर सरकार चलाई, अपराध में राजस्थान एक नंबर पर आ गया, पेपर लीक में एक नंबर आ गया, तो आपको नैतिक रूप से किसी पर आरोप लगाने का कोई हक नहीं है।”
गहलोत का आरोप:
याद रहे, अशोक गहलोत ने हाल ही में बेनीवाल और किरोड़ी लाल मीणा पर स्पष्ट आरोप लगाते हुए कहा था कि दोनों ने उनकी सरकार को अस्थिर करने में सक्रिय भूमिका निभाई थी, जिसमें विधायकों को प्रभावित करने के लिए हेलीकॉप्टर से पूरे राज्य में घूमना भी शामिल था।