Jat reservation Rajasthan:राजस्थान के भरतपुर, धौलपुर और डीग जिलों में जाट आरक्षण का मसला एक बार फिर तेज़ हो गया है।
पिछले लोकसभा चुनाव में बीजेपी के खिलाफ ‘मिशन गंगाजल’ चलाने वाले जाट समाज ने अब आगामी पंचायत और नगरपालिका चुनावों में भी यही रणनीति अपनाने का ऐलान कर दिया है। समाज का स्पष्ट संदेश है—“आरक्षण नहीं, तो वोट नहीं”।
जाट आरक्षण संघर्ष समिति ने भरतपुर के रूपवास (कांधोली गाँव) में नुक्कड़ सभा आयोजित कर साफ किया कि जब तक केंद्र सरकार के ओबीसी कोटे में भरतपुर-धौलपुर-डीग के जाटों को आरक्षण नहीं मिलेगा, तब तक बीजेपी को वोट नहीं देंगे। संयोजक नेमसिंह फौजदार ने कहा, “सरकार का विरोध हर चुनाव में जताएंगे।”
लोकसभा चुनाव के बाद यह मुहिम अब पंचायत चुनाव से पहले जोर पकड़ रही है और इसके लिए क्षेत्र में नुक्कड़ सभाएं चल रही हैं।
मुख्य मांगें:
• भरतपुर, धौलपुर, डीग के जाटों को केंद्रीय सरकारी नौकरियों में ओबीसी आरक्षण
• 2015–2017 के चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्ति
• महाराजा सूरजमल कल्याण बोर्ड का गठन
• पूर्व आंदोलनों में दर्ज मुकदमों की वापसी