Rajasthan News: कोचिंग सेंटर नियंत्रण विधेयक पर सरकार–विपक्ष की तकरार, पंजीकरण अनिवार्य व काउंसलिंग-हेल्पलाइन जैसे प्रावधान चर्चा में

डिप्टी CM प्रेमचंद बैरवा ने कहा—केंद्र गाइडलाइंस और राज्य की जरूरतों के आधार पर बिल, अब सभी पात्र कोचिंग का अनिवार्य रजिस्ट्रेशन व 24x7 छात्र हेल्पलाइन का प्रावधान।

Sep 3, 2025 - 16:25
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Rajasthan News: कोचिंग सेंटर नियंत्रण विधेयक पर सरकार–विपक्ष की तकरार, पंजीकरण अनिवार्य व काउंसलिंग-हेल्पलाइन जैसे प्रावधान चर्चा में
Rajasthan Vidhansabha
राजस्थान सरकार ने कोचिंग सेक्टर को विनियमित करने के लिए लाया गया संशोधित ‘Rajasthan Coaching Centres (Control and Regulation) Bill, 2025’ सदन में बहस के लिए सूचीबद्ध किया है, जिसमें अब सभी कोचिंग का पंजीकरण अनिवार्य है, मगर केंद्र की 2024 गाइडलाइंस वाली 16 वर्ष न्यूनतम आयु-सीमा का प्रावधान राज्य के संशोधित ड्राफ्ट में शामिल नहीं है। नए मसौदे में पहली गलती पर ₹50,000 और दूसरी पर ₹2 लाख जुर्माना रखा गया है, जबकि पहले प्रस्तावित ₹2 लाख और ₹5 लाख के दंड घटा दिए गए हैं।
क्या बदला—संशोधित मसौदा
कोचिंग केंद्रों का अनिवार्य पंजीकरण यथावत, पर निरीक्षण/प्रवर्तन के लिए राज्य व जिला-स्तरीय प्राधिकरण का ढांचा स्पष्ट किया गया है।
दायरे में लाने की सीमा 50 छात्रों से बढ़ाकर 100 छात्रों का प्रस्ताव, जिससे छोटे संस्थान फिलहाल बाहर रहेंगे।
पेनल्टी ढांचा नरम: प्रथम उल्लंघन ₹50,000, द्वितीय ₹2 लाख, बार-बार उल्लंघन पर पंजीकरण निरस्तीकरण संभव।
केंद्र गाइडलाइन के विपरीत 16 वर्ष न्यूनतम आयु-सीमा नहीं जोड़ी गई, जिस पर व्यापक आपत्ति है।
सरकार का पक्ष
सरकार का तर्क है कि बिल का उद्देश्य कोचिंग सेक्टर में पारदर्शिता, जवाबदेही और छात्र कल्याण सुनिश्चित करना है, जिसके लिए पंजीकरण और प्रवर्तन ढाँचे के साथ न्यूनतम मानक तय किए जा रहे हैं। चयन समिति को भेजे जाने के बाद संशोधित मसौदे में दंड और दहलीज़ को व्यावहारिक बनाते हुए उद्योग व शिक्षा—दोनों हितों में संतुलन साधने की कोशिश बताई गई है।
विपक्ष/हितधारक की आपत्तियाँ
विपक्ष का आरोप है कि संशोधित मसौदा भी आत्महत्या-निवारण, केंद्र-निर्देशों की आयु-सीमा, फीस और मानसिक स्वास्थ्य सपोर्ट जैसे मुद्दों को पर्याप्त रूप से नहीं साधता और इससे ‘इंस्पेक्टर राज’ या उद्योग पलायन की आशंका बनी रह सकती है। विपक्ष के अनुसार, सरकार कोटा समेत राज्य की कोचिंग अर्थव्यवस्था और छात्रों के हित—दोनों की हिफाज़त के लिए अधिक सुस्पष्ट प्रावधान जोड़ सकती है।
पृष्ठभूमि और प्रक्रिया
यह बिल पहली बार मार्च 2025 में विधानसभा में प्रस्तुत हुआ था और व्यापक आपत्तियों के बाद 15-सदस्यीय चयन समिति को भेजा गया था, जिसकी रिपोर्ट 1 सितंबर को स्पीकर के समक्ष प्रस्तुत की गई है। मार्च में हुए लगभग पाँच घंटे के विमर्श में 16 वर्ष आयु-सीमा, आत्महत्या-निवारण और लालफीताशाही जैसे मुद्दे केंद्र में रहे थे, जिनमें से कई बिंदुओं पर संशोधित मसौदे में भी सीमित बदलाव देखने को मिला है।
क्यों अहम
केंद्र की 2024 गाइडलाइंस में 16 वर्ष से कम आयु के छात्रों का कोचिंग में प्रवेश रोकने, मानसिक स्वास्थ्य समर्थन और भ्रामक दावों पर रोक जैसे बिंदु प्रमुख हैं, जबकि राज्य के संशोधित बिल में आयु-सीमा का प्रावधान नहीं जोड़ना सबसे विवादास्पद फैसला माना जा रहा है। साथ ही दंड घटने और दहलीज़ बढ़ने से नियमन का प्रभाव कितना रहेगा—यह बहस का विषय बना हुआ है।

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